जिला बार एसोसिएशन सदस्य एवं युवा अधिवक्ता अनमोल सिंह ने मंगलवार शाम को स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अनमोल सिंह दोपहर को बार रूम से अपने घर रवाना हुआ था।
शाम को वह खैरपुर चौकी की पीछे वाली गली में रहने वाले अपने दोस्त के घर गया। गेस्ट रूम से उसने अपना फेसबुक स्टेटस अपडेट किया, लिखा - बाय, सॉरी और दोस्त की पिस्तौल से खुद की कनपटी पर गोली मार ली। सूचना पर शहर थाना प्रभारी सुभाष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे मे लिया और पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार एमआईटीसी कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय एडवोकेट अनमोल सिंह सिरसा अदालत में वकालत करता था। करीब डेढ़ माह पहले उसकी शादी डबवाली में हुई। अनमोल सिंह के पिता एडवोकेट छिंगारा सिंह की गिनती सिरसा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में होती है।
शादी के कुछ दिनों बाद से अनमोल का अपनी पत्नी के साथ विवाद रहने लगा। इसी विवाद के चलते अनमोल परेशान रहने लगा और उसने अपने करीबी दोस्तों के साथ अपनी परेशानी को साझा किया। दोस्तों ने उसे समझाया कि सब ठीक हो जाएगा। मंगलवार दोपहर ढाई बजे तक वह अदालत परिसर में अपनी सीट पर साथी वकीलों के साथ बातचीत कर रहा था।
ढाई बजे अनमोल अदालत परिसर से घर चला गया। सूत्रों के अनुसार ससुराल पक्ष के लोग घर आए हुए थे और अनमोल का उनसे विवाद हो गया। इसके बाद वह खैरपुर चौकी के पीछे वाली गली में रहने वाले अपने करीबी दोस्त समीर ग्रोवर के घर पहुंचा।
समीर का छोटा पुत्र सात्विक अनमोल के पास बैठ गया। इसके बाद उसने दोस्त की पिस्तौल से अपनी कनपटी पर फायर कर दिया। गोली भेजा चिरती हुई दीवार से जा टकराई। अनमोल की मौके पर ही मौत हो गई।
यार अपना पिस्तौल दिखाना जरा
तीन बजकर 15 मिनट पर अनमोल दोस्त समीर ग्रोवर को घर पहुंचा। गेस्ट रूम में समीर का छह वर्षीय बेटा सात्विक भी वहां आ गया और अंकल अनमोल के पास जाकर बैठ गया। समीर के पास खुद का लाइसेंसी पिस्तौल है। अनमोल ने समीर से कहा कि यार मेरा लाइसेंस बन गया है, तेरे जैसा पिस्तौल लेना चाहता हूं, दिखाना जरा तेरे वाला। समीर ने अनमोल को पिस्तौल थमा दिया, लेकिन उसमें गोली नहीं थी।
अनमोल ने कहा कि यार समीर गोली तो दिखा इसकी कैसी होती है। समीर ने अनमोल को एक गोली दी और नहाने चला गया। उसका पुत्र सात्विक अनमोल की गोद में बैठा था। दो मिनट बाद समीर को गोली चलने की आवाज सुनाई थी। वह घबरा गया, उसने सोचा कहीं सात्विक तो पिस्तौल से छेड़छाड़ नहीं कर दी। वह दौड़कर गेस्ट रूम में आया तो खून से सना अनमोल बेड पर गिरा पड़ा था।
अंकल को अपने सामने खुद को गोली मारता देखकर मासूम सात्विक सहम गया। इसके बाद समीर ने अनमोल के पिता छिंगारा सिंह को फोन किया। वे अदालत में किसी मामले की पैरवी कर रहे थे। अदालत से बाहर आकर उन्होंने कॉल रिसीव की तो अपने पुत्र समाचार सुनकर वह सन्न रह गए।
दोस्तों के नाम अंतिम संदेश बाय सॉरी: मौत को गले लगाने से पहले एडवोकेट अनमोल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपने दोस्तों के नाम अंतिम संदेश लिखा बाय सॉरी। यह संदेश पढ़ते ही उसके दोस्त हैरान हो गए। तीन दोस्तों ने कमेंट किया और पंजाबी में लिखा की गल हो गई भाई जी, लेकिन अनमोल की तरफ से दोस्तों को जवाब नहीं मिला। संदेश लिखने के साथ ही उसने कनपटी पर गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। घंटे भर बाद जब उसके दोस्तों को उसकी मौत की सूचना मिली तो हर किसी की आंखें नम थी।
सिरसा में आज रहेगा नो वर्क डे: जिला बार एसोसिएशन ने अपने युवा एडवोकेट सदस्य की मौत होने के बाद बुधवार को नोवर्क डे घोषित कर दिया है। एसोसिएशन के उपप्रधान राहुल शर्मा और सचिव मधुर कंबोज ने बताया कि एडवोकेट अनमोल सिंह की गिनती बेहतर युवा वकीलों में होती थी। उनके निधन से सभी अधिवक्ताओं को काफी आघात पहुंचा है। बुधवार को बार एसोसिएशन की से नो वर्क डे रखा जाएगा। उधर, शहर थाना प्रभारी सुभाष कुमार का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में ले जाया गया है। परिजनों का बयान दर्ज होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।