पाकिस्तान से हथियार व हेरोइन मंगवाने वाले मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों के सरगना गुरजंट सिर्फ उर्फ भोलू के पासपोर्ट की वेरिफिकेशन जालंधर स्थित गौराया थाने की पुलिस ने की थी।
जिला पुलिस ने इस संबंधी गौराया थाने की पुलिस से संपर्क किया है। साथ ही पासपोर्ट संबंधी सारी जानकारी मांगी है। वहीं, पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाले लुधियाना निवासी दीपक के उस कंप्यूटर को भी कब्जे में ले लिया है, जिसके सहारे उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी गुरजंट ने बुंदाला गांव के पते पर पासपोर्ट बनाए थे। यह एरिया गौराया थाने की सीमा में आता है। वहीं, पासपोर्ट की वेरिफिकेशन दो नामी लोगों ने भी की थी। वहीं, पुलिस ने उन लोगों की भी डिटेल मांगी है। जिन्होंने वेरिफिकेशन में सहयोग किया था।
इसके अलावा फिजिकल वेरिफिकेशन करने गए पुलिस कर्मियों का ब्योरा भी मांगा गया है। दूसरी तरफ दीपक के कंप्यूटर को भी पुलिस को कब्जे में लेकर खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आखिर उसने कितने अन्य लोग के दस्तावेज तैयार किए थे।
वहीं, पुलिस के सीनियर अधिकारियों का कहना है कि आरोपी राजस्थान व फाजिल्का के रास्ते से ही ड्रग्स व हथियार मंगवाते थे। इसके अलावा पुलिस द्वारा पासपोर्ट आफिस जालंधर के मुलाजिमों के भूमिका भी जांच की जा रही है।
दो को रिमांड पर और एक को जेल भेजा
पुलिस ने संदीप सिंह व गुरजंट को अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। वहीं, जतिंदर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जबकि बीएसएफ जवान अनिल कुमार व दीपक को सोमवार अदालत में पेश किया जाएगा।
हर दस्तावेज में जन्मतिथि अलग
गुरजंट ने अपने आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग नामों से बनवाए हुए थे। उसने सभी दस्तावेजों में अपनी आयु गलत दिखाई हुई है। भोलू के ड्राइविंग लाइसेंस पर उसकी जन्मतिथि 23 सितंबर 1982 दिखाई हुई है। जबकि एक अन्य दस्तावेज जो कि लुधियाना स्थित मेहरबान गांव का बना हुआ है। उसमें उसने अपनी उम्र दस अक्तूबर 1988 लिखवाई हुई है। जबकि वोटर कार्ड पर जन्मतिथि दस अक्तूबर 1989 लिखी हुई है। जबकि पासपोर्ट पर जन्म तिथि 14 अगस्त 1987 लिखी हुई है।