दिव्यांग के साथ चलती ट्रेन में तीन युवकों ने शर्मनाक हरकत कर दी। उससे मारपीट की, सामान लूटा और लात मारकर ट्रेन से नीचे फेंक दिया। घटना हरियाणा के अंबाला सिटी की है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में दिव्यांग कोच में सफर कर रहे एक दिव्यांग को शुक्रवार दोपहर अंबाला स्टेशन के निकट ट्रेन में छीना-झपटी के बाद पिटाई कर चलती ट्रेन से फेंक दिया गया। फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी निवासी दिव्यांग उपेंद्र रेलवे ट्रैक पर ही तड़पता रहा।
लोगों ने उसे अस्पताल भर्ती कराया। इसके बाद जीआरपी को मामले की जानकारी दी गई। आनन-फानन में जीआरपी अस्पताल पहुंची। अस्पताल में काफी देर ढूंढने के बाद पीड़ित का इलाज शुरू कराया गया। चंडीगढ़-केरल संपर्क क्रांति ट्रेन में चंडीगढ़ से फरीदाबाद जाने के लिए सवार हुए दिव्यांग उपेंद्र ने बताया कि वह दिव्यांग आरक्षित डिब्बे में बैठा था। तभी डिब्बे में तीन युवक आ गए और उसके साथ झगड़ा करने लगे।
तीनों ने ट्रेन का डिब्बा बंद कर उसे पीटा और उससे उसका मोबाइल और नगदी छीन लिए। इतना ही नहीं तीनों ने उसका गला दबाने की कोशिश की। इसके बाद लात मारकर चलती ट्रेन से धकेल दिया। उपेंद्र मॉडल टाउन के निकट नजदीक ट्रेन से गिरा, जहां लोगों ने मदद कर उसे सिटी नागरिक अस्पताल पहुंचाया। यहां उसे प्राथमिक इलाज दिया गया।
स्टाफ ने नहीं दी पुलिस को जानकारी
अस्पताल स्टाफ ने दिव्यांग को उपचार तो दिया मगर पुलिस को जानकारी नहीं दी। दरअसल एमएलआर के लिए उपेंद्र के पास 100 रुपये नहीं थे। यही वजह थी कि उसकी एमएलआर नहीं काटी गई। आनन-फानन में जीआरपी को जब ट्रेन में हुई घटना की जानकारी मिली तो वह सिविल अस्पताल पहुंची। इसके बाद उपेंद्र का सही तरीके से इलाज शुरू हुआ।
हाईकोर्ट में फाइल देकर लौट रहा था
उपेंद्र फरीदाबाद में एक फैक्टरी में काम करता है वहां उसका हाथ मशीन में आकर कट गया था। उसने स्थानीय अदालत में फैक्टरी मालिक के खिलाफ केस दायर किया था। इसमें वह जीत गया था। मगर मालिक ने इस फैसले को चंडीगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब उपेंद्र अपने केस से संबंधित कागजात हाईकोर्ट में जमा कराकर वापस अपने घर फरीदाबाद लौट रहा था।
जानकारी मिलने पर जीआरपी ने सिटी अस्पताल पहुंच घायल के बयान लिए हैं। उसकी शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ छीना-झपटी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
- राम बचन, प्रभारी, जीआरपी थाना, अंबाला कैंट