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ईडी ने बढ़ाई मित्तल की मुश्किलें, 3 करीबियों को समन

Sun, 18 Jan 2015 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मनी लॉन्डरिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिकंजे में फंसे मुकेश मित्तल की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। ईडी ने शनिवार को मुकेश मित्तल के तीन करीबी लोगों को समन भेजा है। इनमें मुकेश के कर्मचारी मुनीष कुमार और राजीव अवस्थी और रिश्तेदार निशांत गोयल शामिल हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, ईडी को जांच में इनके नाम पर कई कंपनियां और करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन का पता चला है। वहीं, मुनीष कुमार और राजीव अवस्थी की साइन की हुई ब्लैंक चेक बुक मिली है।

इसके अलावा मुकेश मित्तल और जांच के घेरे में आए लोगों के नाम पर हिमाचल के सोलन और कंडाघाट में करीब 350 बीघा जमीन का पता चला है। जानकारी के अनुसार, ईडी के कहने पर उस प्रॉपर्टी को जिला प्रशासन ने सीज कर दिया है।
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ईडी को लगातार मिल रहीं हैं शिकायतें

शनिवार तक ईडी के सेक्टर 18 स्थित दफ्तर में मुकेश मित्तल के खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान सिटी निवासी नविंदर सिंह ने बताया कि सेक्टर-20 में उनकी कोठी है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद वह किराये के मकान पर रहने को मजबूर हैं।

नविंदर सिंह के अनुसार, उनकी कोठी पर उनका और उनके पिता का बराबरी का हिस्सा था। लेकिन, उनके भाइयों ने फर्जी कागजात तैयार कर 2004 में उस कोठी पर कब्जा कर लिया। नविंदर सिंह के अनुसार, उनके वकील मुकेश मित्तल ही थे। वर्तमान में उनके भाइयों ने उस कोठी को सेल पर रखा हुआ है।

नविंदर सिंह ने स्टेट आफिस से एनओसी के बाबत जानकारी ली तो वहां से पता चला कि उन्होंने इस प्रॉपर्टी को लेकर कोई एनओसी जारी नहीं की है। इस पर उन्होंने 2012 को थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उनका आरोप है कि उनके भाई उस प्रॉपर्टी को लेकर अक्सर उन्हें धमकाते रहते हैं।
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ईडी अधिकारियों को किया सतर्क

एक सस्पेंड बैंक मैनेजर ने शनिवार को ईडी कार्यालय में बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने बैंक के माध्यम से खरीदी जाने वाली कुछ विवादित प्रॉपर्टी में हेराफेरी पकड़ी थी। उन्होंने मामले का खुलासा किया, लेकिन उल्टा उन्हें ही इस मामले में फंसा दिया गया। साथ ही उन्हें कई बार धमकाया गया। यहां तक कि उन पर हमले की कोशिश भी की गई। आरोप है कि उस समय विवादित प्रॉपर्टी में मुकेश मित्तल का नाम भी शामिल था।

12 में से 8 कंपनियां फर्जी
ईडी को जांच में 12 ऐसी कंपनियों का पता चला है जो कहीं न कहीं मुकेश मित्तल से जुड़ी हुई हैं। इनमें से आठ कंपनियां शेल (फर्जी) हैं। वहीं, इससे पहले ईडी मुकेश मित्तल, उनके पारिवारिक सदस्यों और फर्जी कंपनियों से जुड़े करीब 113 बैंक खाते फ्रीज कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार इनमें कई सौ करोड़ रुपये जमा होने का अनुमान है।

डायरेक्टरों की हो सकती है गिरफ्तारी
केस को लेकर जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर अब सुनवाई 23 जनवरी को होगी। पहले इस पर शनिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन शनिवार को वकीलों की हड़ताल के कारण इसकी तारीख आगे बढ़ गई। ऐसे में अब ईडी इस केस में कुछ की गिरफ्तारी कर सकती है। ईडी सूत्रों के अनुसार, केस में तीन अन्य को समन भेजे जाने के बाद मुकेश मित्तल की कंपनियों के डायरेक्टरों अजय सिंह, लाल चंद, अशोक कमल और प्रवीण के अलावा कुछ अन्य की गिरफ्तारी हो सकती है।

तारा सिंह भी आए थे ईडी ऑफिस
सूत्रों के अनुसार, एनआरआई तारा सिंह इस मामले में ईडी के मध्य मार्ग स्थित यूटी प्रेस बिल्डिंग सेक्टर-18 स्थित कार्यालय में दिसंबर 2014 को पहुंचे थे। हालांकि, उस समय वो केस की जांच कर रहे अधिकारियों से मिल नहीं पाए थे, लेकिन कार्यालय में शिकायत देकर चले गए थे। बाद उन्होंने ईडी कार्यालय को मेल के जरिए शिकायत दी थी और कुछ अहम जानकारियां दी थीं।
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