पुलिस का दावा है कि कांस्टेबल आनंद ने पूरी प्लानिंग के साथ पत्नी डिंपल की हत्या की। उसने अपने एक दोस्त काला को 7 गोलियां दे रखी थीं, जो वारदात के बाद फिर से सर्विस रिवाल्वर में डाल कर उसे फुल लोडेड दिखा देना था। इस तरह आनंद को हत्यारा साबित करना मुश्किल होता।
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अगर आनंद मौके पर न पकड़ा जाता तो वह अपने मकसद में कामयाब हो सकता था। बुधवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच आनंद को जिला अदालत में पेश किया और तीन दिन का रिमांड मांगा मगर एक दिन का ही मिला। पुलिस कहना था कि आरोपी से वह 7 गोलियां बरामद करनी है जो उसने अपने दोस्त को दी हुई हैं।
यह भी पता करना है कि वह ये गोलियां कहां से लाया। मोबाइल की काल डिटेल चेक करनी है। जिस लड़की से अफेयर बताया जा रहा है, उसकी भी जांच करनी है। आनंद ने छह दिन पहले जीएमएसएच-16 में पत्नी डिंपल की गोली मार कर हत्या कर दी थी। डिंपल जीएमएसएच-16 की ही कर्मचारी थी। आनंद ने खुद को भी गोली मार ली थी जिस कारण वह अस्पताल में भर्ती था।
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अफसोस जता रहा है आरोपी कांस्टेबल
पूछताछ के दौरान कांस्टेबल आनंद ने पुलिस को बताया कि गुस्से में उसने पत्नी की हत्या कर दी। वह उससे काफी प्यार करता था और अब इसके लिए अफसोस है। घटना के दिन वह अपनी पत्नी को यही कह रहा था कि वह मायके में रहने की बजाय उसके साथ ही रहे लेकिन पत्नी नहीं मानी।
21 गोल्ड मेडल जीत चुका है आनंद पुलिस के अनुसार बाक्स आनंद अलग अलग प्रतियोगिता में अभी तक 21 गोल्ड मेडल जीत चुका है। बुधवार को परिवार के सदस्य और बाल्मीकि समुदाय के नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी डा.सुखचैन सिंह गिल से मिला। परिवार के सदस्यों ने एसएसपी ने बच्चों के लिए मदद करने की अपील की।
बाल्मीकि समुदाय के नेता बलराज सिंह ने बताया कि एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि 18 साल की आयु पूरी करने के बाद डिपंल के बेटे को पुलिस में नौकरी देने का प्रावाधान किया जाए।
पीछे के गेट से पुलिस ले गई थाने
कांस्टेबल आनंद को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पांच दिन पहले जीएमएसएच-16 में पत्नी डिंपल की गोली मार कर हत्या कर दी थी। डिंपल जीएमएसएच-16 की ही कर्मचारी थी।
आनंद ने खुद को भी गोली मार ली थी जिस कारण वह अस्पताल में भर्ती था। दोपहर 1:20 बजे डिसचार्ज होने के बाद पुलिस चुपके से उसे पिछले गेट से लेकर सेक्टर-17 थाने ले गई।
पुलिस को आशंका थी कि परिजन और गुस्साए लोग कांस्टेबल आनंद पर हमला कर सकते हैं। इसके साथ ही पुलिस ने बॉक्सर आनंद को सेक्टर-17 थाने में रखकर मुख्य गेट भी बंद कर दिया। पूछताछ के बाद ही अंदर जाने की मंजूरी दी जा रही थी।
परिजनों का आरोप, नरमी बरत रही पुलिस
परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपी कांस्टेबल के साथ नरमी बरत रही है। डिंपल के पिता मामचंद का कहना है कि कांस्टेबल आनंद को उम्र कैद एवं फांसी की सजा होनी चाहिए। उनका कहना है कि आनंद ने उसकी प्यारी बच्ची उनसे छीन ली है।
डिंपल की बहनें अभी भी गहरे सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस को आरोपी कांस्टेबल को लोगों के हवाले कर देना चाहिए। पुलिस के अनुसार सोमवार को आनंद की एक बार फिर से सर्जरी हुई है।
रिमांड की मांग करेगी पुलिस पुलिस आरोपी आनंद को बुधवार को जिला अदालत में पेश करेगी। पुलिस आरोपी का रिमांड हासिल करेगी। पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान यह पता किया जाएगा कि आनंद ने किन कारणों से अपनी पत्नी की हत्या की है।
मालूम हो कि आनंद के खिलाफ हत्या और एक अन्य महिला कांसल निवासी सवित्री पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। महिला सवित्री अपने बेटे को अस्पताल में चेकअप के लिए लेकर आई थी।
40 मिनट का खेल
कांस्टेबल आनंद के प्रति अस्पताल के कर्मचारियों में भारी रोष था। पुलिस को संभावना थी कि अस्पताल से छुट्टी के समय जब मुख्य प्रवेश द्वार से ले जाया जाएगा तो आनंद पर हमला हो सकता है। ऐसे में पुलिस ने एक चाल चली। यह बात फैलाई गई कि 2 बजे आनंद को गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन पुलिस आरोपी को 40 मिनट पहले ही निकाल कर ले गई।
अस्पताल के पिछली तरफ के रास्ता का इस्तेमाल नहीं किया जाता लेकिन उसे निकालने के लिए इसके गेट खोले गए। आनंद का मुंह भी कपड़े से ढंक दिया गया। वहीं प्रवेश द्वार पर लोगों के अलावा मीडियाकर्मी भी एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करते रहे। आनंद को गिरफ्तार करने के लिए थाना प्रभारी दिलशेर चंदेल खुद पहुंचे थे।
अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार जब कोई आम व्यक्ति किसी हत्या के मामले में आरोपी होता है तो पुलिस खुलेआम गिरफ्तार करके अदालत लेकर जाती है। जब अपने ही कांस्टेबल की बारी आई तो उसे छिपा कर ले जा रहे हैं।
सेक्टर-24 की बेटी डिपंल का शव रविवार सुबह अस्पताल से घर लाया गया। जिस समय शव घर लाया गया उस समय वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई। वहीं हर किसी के दिल में इस क्रूर हादसे के लिए पति के खिलाफ गुस्सा था। रविवार को डिंपल का भाई विकास और अन्य परिजन सुबह 10 बजे शव को लेने के लिए सेक्टर-16 अस्पताल पहुंच गए।
वहां से परिजन शव लेकर सेक्टर-24 स्थित आवास पहुंचे। शव आवास पर पहुंचते ही वहां का गमगीन माहौल अचानक चीख पुकार में बदल गया। परिवार के लोगों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों समेत वहां मौजूद सभी लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
डिंपल के शव को देखकर हर कोई उसके पति कांस्टेबल आनंद को कोस रहा था। वहीं मां के शव को देखकर बच्चों का भी बुरा हाल था। नौ साल के बेटे कशिश ने ही रोते-रोते मां के शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को अस्पताल से अभिभावकों के घर लाया गया और यहां से सेक्टर-25 के श्मशान घाट ले जाया गया।