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डायमंड शोरूम में 14 करोड़ की लूट निकली ड्रामा, दोनों मालिकों पर केस

Sun, 08 May 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट - फोटो : amar ujala
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सेक्टर-17 डायमंड शोरूम से 14 करोड़ के हीरों की लूट के मामले में पुलिस ने दोनों शोरूम मालिकों रजनीश और विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। जबकि, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई अहम सबूत हाथ लगने का दावा किया है। वहीं, पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दोनों के अस्पताल से डिस्चार्ज होने का इंताजर कर रही है।
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डीएसपी सेट्रल सतीश कुमार ने बताया कि जांच के बाद दोनों मालिक आरोपी पाए गए हैं। इसके बाद एफआईआर में लूट की धारा हटाकर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कर लिया गया है।

पहला सुबूत: शोरूम मालिकों ने बनाया ढाई करोड़ का फर्जी बिल
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद शोरूम ऑनर ने ढाई करोड़ का फर्जी बिल तैयार कराया। पुलिस का कहना है कि दोनों बिजनेसमैन बार -बार हास्पिटल में भर्ती हो रहे हैं। इस फर्जी बिल के बारे में दोनों के पास किसी तरह का प्रमाण नहीं है।
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दूसरा सुबूत: मैनेजर ने कहा, मालिकों ने रची लूट की कहानी
शोरूम के मैनेजर ने मालिकों के खिलाफ बयान दर्ज करवाया है। उसने बताया कि सारी वारदात की कहानी दोनों मालिकों द्वारा रची गई थी। पुलिस के अनुसार मैनेजर ने कोर्ट में भी अपना बयान दर्ज करवा दिया है। अब उनके पास केस में दोनों आरोपियों के खिलाफ गवाह भी मौजूद है।

दूसरा भाई भी हुआ एडमिट

चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट - फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार रजनीश संदिग्ध हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ था। जबकि, शनिवार दोपहर को उसका छोटा भाई विनोद भी अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने इसे दोनों भाईयों की नौटंकी बताई है। उनका कहना है कि आरोपी अपने ही जाल में फंसते देखकर बयान देने से बच रहे हैं। हालांकि, अस्पताल से छुट्टी मिलते ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।

ऐसे किया वारदात
डीएसपी सेंट्रल सतीश कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बड़ी चतुराई से वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले उन्होंने अपने वर्करों को सेट किया। उसके बाद डीवीआर खुद ही निकाल लिया था। बाद में प्लानिंग के तहत आरोपियों ने अपने किसी रिश्तेदार को बुलाकर बैग पकड़ा दिया। इसके बाद उन्होंने पूरी कहानी पुलिस को सुना दी।

महिला वर्कर की संदिग्ध भूमिका
पुलिस की जांच में एक महिला वर्कर की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। उसने पहले खुद ही लेट किया था और बाद में दूसरी महिला वर्कर को जानबूझकर लेट करवाया था। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोप सही पाने जाने के बाद केस दर्ज किया जाएगा।
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मालिक का आया था बयान

चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट - फोटो : amar ujala
शोरूम मालिक रजनीश वर्मा ने बताया था कि सुबह दुकान खुलते ही पांच मिनट बाद एक युवती के साथ दो युवक आए। उन्होंने अलग-अलग तरह की अंगूठी दिखाने को कहा। शोरूम में वह, उनका भाई और एक वर्कर मौजूद थे। अंगूठी दिखाने के बाद कुछ बदलाव कराने के लिए वर्कर बाहर गया और पिस्टल के बल पर आरोपियों ने दोनों भाइयों का मोबाइल लेकर स्टोर रूम में बंद कर दिया। उन्होंने शोरूम को तसल्ली से खंगाला और हीरे जवाहरात से बैग भरकर फरार हो गए।

यह है मामला
पुलिस का कहना है कि लूट का सारा ड्रामा इंश्योरेंस के 10 करोड़ रुपये लेने के लिए रचा गया है। गौरतबल हो कि सेक्टर-17 स्थित फारेवर डायमंड में दोपहर 14 करोड़ की लूट की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस की तीन टीमें जांच में लगी थीं। हालांकि, बाद में सेंट्रल डिवीजन की टीम ने मामला सुलझाने का दावा किया है।

कोट
फारेवर डायमंड में लूट की वारदात की गहनता से जांच के बाद दोनों मालिकों का ड्रामा सामने आया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास काफी सबूत जमा हैं। दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, दोनों आरोपी अस्पताल में भर्ती हैं। उनको छुट्टी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
सतीश कुमार
डीएसपी, सेंट्रल 
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