हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सोनीपत के मुरथल में महिलाओं से दुराचार की संभावना से इनकार करते हुए प्रदेश सरकार ने मामले की जांच डीजीपी यशपाल सिंघल को सौंप दी है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट का हवाला लेते हुए राज्य सरकार ने यह जांच सौंपी है। हालांकि, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं घटी है।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मामले में सरकार के स्तर पर अलग से जांच करवाने का भरोसा दिया है। विज का कहना है कि हम पुलिस के अलावा दूसरे स्रोतों से भी जानकारी हासिल करेंगे कि महिलाओं के साथ दुराचार की कोई घटना हुई है या नहीं। ऐसी कोई घटना संज्ञान में आएगी तो सरकार जरूर कार्रवाई करेगी।
इस मामले में जांच के लिए गए अधिकारियों का दावा है कि कुराड़ के गणमान्य व्यक्तियों से घटना को लेकर बातचीत की गई है। इस घटना को लेकर खबर में छपे नाम से संबंधित लोगों से भी बातचीत की, लेकिन बातचीत के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। कुराड़ के पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटना से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भीड़ ने जब उग्र होकर यात्री गाड़ियों के शीशे तोड़े तो उसमें कुछ परिवारों को चोट भी लगीं, जिनमें महिलाएं भी थीं। ऐसे परिवारों को ग्रामीणों ने अपने घरों में शरण दी और खाना खिलाकर प्राथमिक उपचार भी कराया।
इस मामले में पीके दास, गृह सचिव हरियाणा ने बताया कि मेरी बात इस मामले की जांच के लिए पहुंचे उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव देवेंद्र सिंह और आईजी परमजीत अहलावत से हुई है। उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के आधार पर घटना की जांच डीजीपी को सौंप दी है।