काउंटर इंटेलिजेंस विंग पंजाब और झारखंड स्पेशल ब्रांच ने संयुक्त आपरेशन के दौरान छह हत्याओं का आरोपी माओवादी को रविवार काबू कर लिया।
आरोपी की पहचान दीनबंधु पातर निवासी गांव बाहरू हातू, जिला रांची (झारखंड) के तौर पर हुई है। आरोपी दीनबंधु कई मामलों में झारखंड पुलिस को वांछित था। वह खुद की पहचान छुपाकर सूरज मुंडा के नाम से जालंधर में बीते छह माह से रह रहा था। रविवार दोपहर बाद दीनबंधु को कोर्ट में पेश करने के बाद झारखंड पुलिस उसे झारखंड लेकर जाने के लिए रवाना हो गई।
पुलिस के अनुसार माओवादी दीनबंधु पातर साल 2010 में माओवादी संगठन में शामिल हुआ था। वह बेहद संगीन मामलों में पुलिस को वांछित था। उस पर 2010 में अपने ही गांव के 4 लोगों की हत्या का आरोप है। इसके अलावा उस पर कई अन्य मामले दर्ज हैं।
दीनबंधु माओवादी ग्रुप का प्लाटून कमांडर था। वह वांछित जोनल कमांडर कुंदन पाहन के कहने पर काम करता था। कुंदन पाहन खतरनाक आरोपी है। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है।
जालंधर में मजदूरी करता था दीनबंधु
पुलिस के अनुसार माओवादी दीनबंधु को किसी लड़की से प्रेम हो गया था। उसने लड़की के माता-पिता की मंजूरी के बिना ही शादी कर ली। इसके बाद वह अक्तूबर 2014 में एक माओवादी कैंप से इनसास राइफल और 2 लाख रुपये लेकर भाग गया था।
फिर दीनबंधु ने सूरज मुंडा के नाम से झारखंड से जाली वोटर आईडी कार्ड बनाया और अपनी पत्नी को लेकर दिसंबर 2014 को जालंधर आकर रहने लगा। वह यहां मजदूरी का काम करता था। जबकि उसकी पत्नी झारखंड में रहती है।
काउंटर इंटेलिजेंस विंग पंजाब और झारखंड स्पेशल ब्रांच को माओवादी दीनबंधु के जालंधर रहने की जानकारी मिली तो उसे रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उसे झारखंड पुलिस झारखंड लेकर जाने के लिए रवाना हो गई।