डेरा विवाद को लेकर सिरसा में हुई हिंसा मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी गुरदान सिंह उर्फ गोरू, जगदीप सिंह, कुलवंत सिंह व परमिंद्र सिंह ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। 29 जनवरी को सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने याचिका को खारिज कर दिया।
वहीं, बुधवार को हिंसा मामले में सिरसा एसआईटी ने एक और आरोपी उपद्रवी मनीराम को गिरफ्तार किया। मनीराम गुरु अर्जुन देव नगर फरीदकोट का रहने वाला है। शहर थाना प्रभारी जगदीश काजला का कहना है कि आरोपी मनीराम को गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे एक दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
बता दें कि हिंसा मामले में एसआईटी अभी तक 126 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जैसे-जैसे उपद्रवियों की पहचान हो रही है पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर रही है। अदालत में 110 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।
25 अगस्त 2017 को भड़की थी हिंसा
साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने 25 अगस्त 2017 को फैसला सुनाना था। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन ने अदालत के संभावित फैसले को भांपते हुए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का 15 अगस्त को जन्मदिन सप्ताह मनाने का फैसला किया। जन्मदिन सप्ताह मनाने के लिए देशभर से लाखों अनुयायी डेरा सच्चा सौदा पहुंचे।
डेरा प्रबंधन समिति व तमाम कमेटियों के पदाधिकारियों की डेरा में बैठक कर संभावित फैसले के बाद की योजना तैयार की। 17 अगस्त 2017 को डेरा मुखी की अगुवाई में डेरा प्रबंधन समिति की अहम पदाधिकारियों व करीबियों की बैठक हुई। 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण केस में दोषी करार दिया तो सिरसा में हिंसा भड़क उठी।
हजारों डेरा अनुयायियों ने वीटा मिल्क प्लांट व बेगू बिजली घर में पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी। इसके बाद उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। सुरक्षा बलों की दंगा विरोध कार्रवाई में छह उपद्रवियों की गोली लगने से मौत हो गई थी।