चंडीगढ़-अंबाला मुख्य मार्ग स्थित गांव हरीपुर कुड़ां में युवकों के दो गुटों के बीच बुधवार को दिन दहाड़े फायरिंग हुई। इसमें आल्टो कार सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसको चार गोलियां लगी हैं। युवक को पीजीआई में दाखिल करवाया गया है। पुलिस को घायल युवक की कार से एक देशी कट्टा व कुछ जिंदा और चले हुए कारतुस के खोल बरामद हुए हैं। डेराबस्सी क्षेत्र में कुछ दिनों के भीतर दूसरी बार खुलेआम खूनी टकराव से लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने हमलावरों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दलबीर सिंह (25) पुत्र सुखदेव सिंह निवासी गांव मेहमदपुर किसी काम से अपनी आल्टो कार में हरिपुर कुड़ां जा रहा था। दोपहर पौने एक बजे फिगो कार में सवार चार युवकों ने उसकी कार को सामने से टक्कर मार कर रोक लिया। इनमें तीन युवक मोने व एक पटकाधारी सरदार था। सभी हथियारों से लैस थे। युवकों को देखते ही दलबीर ने कार के शीशे बंद कर लिए। बताया जाता है कि फिगो कार पर आए युवकों ने गंडासे की मदद से आल्टो कार के शीशे तोड़ दिए और दलबीर पर करीब एक दर्जन गोलियां दागीं। गोलियों की तड़तड़ाहट और दलबीर की चीख पुकार सुन कर भारी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों को देखकर हमलावार मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंचे पार्षद रविंदर बतरा ने दलबीर को अपनी कार में डालकर डेराबस्सी अस्पताल पहुंचाया। दलबीर की हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया।
दोनों गुटों के पास अवैध हथियार: एसएचओ
Dera Bassi firing
- फोटो : अमर उजाला
थाना प्रभारी दीपइंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि दोनों ओर से फायरिंग हुई है। उन्होंने कहा कि कार के अंदर से भी एक देशी कट्टा व तीन चली हुई गोलियों के खोली खोल व एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। एसएचओ ने कहा कि दोनों गुटों के पास अवैध असलाह हैं। पुलिस के मुताबिक हमले के तार पुरानी रंजिश से जुड़े हैं। कुछ दिन पहले दोनों गुटों के समर्थकों के बीच एक दुकान पर तीखी तकरार भी हुई थी। बुधवार का गोलीकांड उसका नतीजा है। उन्होंने बताया कि दो गोलियां दलबीर की बाजू व एक पेट के अंदर व एक उसको छू कर निकल गई। एसएचओ ने कहा कि दलबीर अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है।
13 अगस्त को इस्सापुर रेलवे फाटक पर हुई थी फायरिंग
बता दें कि बीती 13 अगस्त की रात को दोनों गुटों में डेराबस्सी- इस्सापुर रेलवे फाटक पर झड़प के बाद फायरिंग हुई थी। उस दौरान दोनों गुटों के पांच युवक जख्मी हो गए थे। पुलिस ने दो दर्जन युवकों के खिलाफ जानलेवा हमले की क्रास एफआईआर दर्ज की थी। परंतु इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उस समय एक पक्ष की तरफ से एफआईआर बुधवार को घायल दलबीर के बयान पर दर्ज की गई थी।