देसी कट्टे के दम पर नाबालिग बच्चे से कुकर्म और हत्या के प्रयास मामले में अदालत ने बाबा को सात साल की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बाबा भरतपुरी उर्फ बलकार पर 13 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई के दौरान 13 लोगों की गवाही हुई।
यह था मामला
8 मई 2013 की रात साढ़े दस बजेपुलिस को सूचना मिली थी कि एकता सहायता समिति कपालमोचन बिलासपुर में बलविंद्र संधाय के नौकर को बाबा ने गोली मार दी है। सूचना मिलने के बाद एएसआई दिलबाग सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उधर चिकित्सकों ने घायल को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस ने पीजीआई पहुंच कर घायल के ब्यान दर्ज किए।
देसी कट्टे के दम पर नाबालिग से किया था कुकर्म
घायल ने बयानों में कहा कि वह अपनी बहन के साथ जोगी धर्मशाला कपालमोचन में पिछले 5-6 साल से रहा रहा है। 3-4 माह से एकता सहायता समिति कपालमोचन डेरा बलविंद्र संधाय के दफ्तर में पानी पिलाने के काम पर लगा था। एक बाबा जिसका नाम भरतपुरी निरंजन अखाड़ा हरिद्वार का रहने वाला है,जो कि डेरे में मेले के दिनों में 4-5 दिन रूका था।
बाबा भरतपुरी कार से डेरे में आया। उसने रात को रुकने की बात कही। जब वह एक कमरे में बाबा का बिस्तर बिछा रहा था तो बाबा ने उसे अंदर आकर पकड़ लिया और गलत हरकत शुरू कर दी। जब उसने उसे ऐसा करने से मना किया तो बाबा ने देसी कट्टे दिखाकर उसे डराया और अपनी इच्छापूर्ति की। बाद में बाबा ने तैस में आकर देसी कट्टे से उस पर गोली चला दी।
बाबा पर लगाया 13 हजार रुपए जुर्माना
गोली उसके बायं हाथ की कलाई में लगी। पुलिस के पहुंचने से पहले बाबा हाथ में कट्टा लहराता हुआ गाड़ी लेकर फरार हो गया। गोली की आवाज सुनने के के बाद डेरे में मौजूद करनैल सिंह मौके पर पहुंचा। जिसने डेरा संचालक बलविंद्र सिंह को सूचित किया।
दोनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बाबा भरतपुरी उर्फ बलकार निवासी गांव चोरपुर थाना कुंजपुरा जिला करनाल के खिलाफ धारा 377, 511 व 307 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 10 मई को बाबा को काबू कर उसके कब्जे से एक देसी कट्टा तथा छह जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने बाबा को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट ने बाबा को धारा 307 में सात साल कैद तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
जबकि आर्म्स एक्ट में दो साल कैद तथा दो हजार रुपए जुर्माना, 9 एच/10 पोक्सो एक्ट में पांच साल कैद तथा तीन हजार रुपए जुर्माना तथा 9 आर / 10 पोक्सो एक्ट में पांच साल कैद तथा तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।