पंजाब के पूर्व डीजीपी से ठगी करने के आरोपी कांग्रेस के पूर्व यूथ प्रधान विजय पाल सिंह उर्फ डिंपी ने बुधवार को 50 लाख रुपये का ड्राफ्ट सिविल जज शिल्पी की अदालत में जमा करवा दिया।
दोनों पक्षों में आपसी समझौता होने के बाद और ड्राफ्ट मिलते ही शिकायतकर्ता पक्ष ने डिंपी की जमानत का विरोध नहीं किया। इसके बाद अदालत ने विजय पाल सिंह उर्फ डिंपी की जमानत मंजूर कर ली।
अदालत ने विजय पाल सिंह उर्फ डिंपी को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। वहीं पूछताछ के लिए रिमांड हासिल करने के लिए पुलिस द्वारा दायर अर्जी पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण सिंगल की अदालत में सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ता पक्ष को 50 लाख रुपये वापस कर दिए हैं और उनका समझौता हो गया है। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल तय की है।
यह है मामला
पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने बीती चार जनवरी को सेक्टर-3 थाने में डिंपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज करवाई थी।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले के अनुसार विर्क ने चंडीगढ़ के आसपास एग्रीकल्चर जमीन खरीदने के लिए डिंपी से संपर्क किया था। डिंपी ने उनसे बयाने के रूप में 50 लाख का चेक लिया और उसे कैश करवा लिया।
काफी समय तक जब डिंपी ने जमीन नहीं दिलवाई और पैसे भी नहीं लौटाए। इस पर उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।