आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 27 अगस्त को बुटाना गांव में राजेंद्र को गोली मारी थी। राजेंद्र का उसके साथी जयदीप से झगड़ा था, जिसकी रंजिश में उसने अपने साथी सेरसा के तरुण, मयूर विहार के रोहित उर्फ टीनू, कोट मोहल्ला के सुमित उर्फ माया, इंडियन कालोनी के जयदीप, मूलरूप से बिधल फिलहाल महलाना रोड के चांदा और समचाना के बिजेंद्र उर्फ विजय के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में वह फरार था।
इन मामलों में रहा नामजद
- वर्ष 2008 में थाना सदर गोहाना में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ, जिसमें बरी हो चुका है।
- वर्ष 2008 में थाना गन्नौर में लूट का षड्यंत्र रचने में नामजद हुआ, जिसमें बरी हो गया था।
- अप्रैल, 2009 में जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें बरी हो चुका है।
- अक्तूबर, 2009 में गन्नौर में हत्या के मामले में नामजद हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- अगस्त, 2012 में सदर सोनीपत में हत्या के मामले में नामजद हुआ, जिसमें बरी हो गया था।
- अगस्त, 2012 में लूट का षड्यंत्र रचते काबू किया, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2014 में गन्नौर में हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ, जिसमें बरी हो गया था।
- वर्ष 2015 में झज्जर में अपहरण और लूट का मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें मामला कोर्ट में है।
- वर्ष 2016 में गन्नौर में अवैध शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें दोषी करार दिया गया है।
- वर्ष 2016 में राई में अवैध शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ, यह कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2016 में शिवाजी पार्क कालोनी रोहतक में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2016 में अवैध शस्त्र अधिनियम में गन्नौर में मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2016 में अवैध शस्त्र अधिनियम में गन्नौर में मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2016 में मुरथल थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2017 में शहर सोनीपत में अवैध शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2018 में गन्नौर थाने में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2018 में जेल अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
- वर्ष 2018 में मादक पदार्थ अधिनियम में शहर सोनीपत में मुकदमा दर्ज हुआ, मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
महज 14 वर्ष की आयु में दर्ज हुआ पहला मुकदमा
पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र करीब 24 वर्ष है। वह महज 14 वर्ष की उम्र में ही अपराध की दुनिया में आ गया। उस पर आरोप था कि उसने वर्ष 2008 में चिड़ाना के सरपंच महाबीर और उसके लड़के बलजीत पर गोली चलाई थी। मामला जमीनी विवाद से जुड़ा बताया गया था। हालांकि मामले में वह वर्ष 2011 बरी हो गया था।