सुखमणी इंजीनियर कॉलेज में बीते दिनों दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन पेपर के दौरान एक छात्र से नकल के लिए पर्ची मिलने के मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी छात्र प्रवीण को पर्ची पकड़वाने वाले स्टाफ मेंबर गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पुलिस पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह को वीरवार को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह बैंस ने बताया कि गत छह दिसंबर को इंजीनियरिंग कॉलेज में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए सेंटर बनाया गया था। परीक्षा लेने के लिए सिफी टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ करार किया गया था। कंपनी के अधिकारियों की ओर से परीक्षा के दौरान तलाशी करते समय एक छात्र प्रवीण कुमार रोल नंबर 1601003614 निवासी मकान नंबर 290 पिंजपुरा, कैथल (हरियाणा) से पर्ची मिली थी।
उन्होंने कहा कि पहले तो कंपनी के अधिकारियों ने मामले को दबा लिया था, लेकिन परीक्षा दे रहे एक छात्र ने इसकी शिकायत भर्ती सिलेक्शन कमिशन को कर दी थी। जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पर कंपनी से जवाब मांगा था। इसके बाद कंपनी के अधिकारी ने सात दिसंबर को पुलिस को नकल मारने वाले छात्र प्रवीण कुमार व पर्ची पकड़ाने वाले गुरप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
आनलाइन परीक्षाओं पर लगा सवालिया निशान
ऑनलाइन एग्जाम
- फोटो : फाइल फोटो
थाना प्रभारी ने बताया कि पर्ची पकड़ाने वाले गुरप्रीत सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसको अंबाला निवासी अंचित ने फोन कर सूचित किया था कि उसको एक अज्ञात व्यक्ति कॉलेज के बाथरूम में पर्ची देगा, जो वह प्रवीण छात्र को दे दे। इसके बदले उसे पैसे मिलने थे। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी छात्र प्रवीण की तलाश कर रही है। उसके गिरफ्त में आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
पेपर लीक होने से जुड़ रहे हैं तार
इस मामले के तार अब आनलाइन पेपर लीक होने से जुड़ रहे हैं। जांच में सामने आया कि प्रश्न पत्र की मोबाइल से फोटो खिंचकर बाहर पहुंचाई गई है। जिसके बाद सवाल के जवाब की पर्ची छात्र को भेजी गई। जबकि परीक्षा केंद्र में मोबाइल या कैमरा ले जाने पर रोक है।
आनलाइन परीक्षाओं पर लगा सवालिया निशान
जानकारी के अनुसार, इससे पहले आनलाइन परीक्षा को नकल रहित व सुरक्षित माना जाता था। लेकिन जिस हिसाब से इस परीक्षा में पर्ची बरामद हुई है। उसने इस माध्यम पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
कालेज के सीसीटीवी कैमरे से मिल सकता है अहम सुराग
जानकारी के अनुसार, पुलिस को इस मामले में कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग मिल सकते हैं। जिनमें पर्ची देने आने वाले शख्स की पहचान हो सकती है।