मूल रूप से अमृतसर निवासी एक अनाथ युवती वर्ष 1998 से सिंगापुर में रह रही थी। कुछ दिन पहले ही वह भारत घूमने की इच्छा से टोरंटो निवासी अपनी बहन के कहने पर उसकी एक सहेली दविंदर कौर की माता और फरीदकोट निवासी बचन कौर के पास आई थी।
बचन कौर ने भूपिंदर कौर, फिरोजपुर कैंट निवासी दविंदर कौर, नानकसर बस्ती फरीदकोट निवासी परमिंदर सिंह, उसकी पत्नी कुलदीप कौर के साथ मिलकर साजिश के तहत धोखे से युवती का विवाह अपने बेटे कंवरअनंदबीर सिंह के साथ करवा दिया।