आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया गया है। कार्यकर्ताओं ने भागकर अपनी जान बचाई। मामला गांव डेराबस्सी का है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सुंडरा गांव में लगातार मिल रही अवैध माइनिंग की शिकायतों के मद्देनजर मौके का मुआयना करने पहुंचे थे। आप कार्यकर्ताओं को दर्जनों ग्रामीणों के साथ देख माइनिंग ठेकेदार कमलजीत सिंह भड़क गया।
उसने दर्जनों कारिंदों के साथ ग्रामीणों और आप कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला कर दिया। सभी ने भागकर अपनी जान बचाई। आप कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर देर से आने का आरोप लगाया
थाना प्रभारी गुरजीत सिंह ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही गांव में पुलिस फोर्स भेज दी गई थी। ठेकेदार को मंजूरी के कागजात लेकर पुलिस स्टेशन बुलाया गया है। अगर स्टे के बावजूद माइनिंग हो रही है तो जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं ग्रामीणों का आरोप था कि इलाके में कोर्ट की ओर से स्टे के बावजूद अवैध रूप से माइनिंग जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि कि इस बारे में कई बार पुलिस में शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
आप कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों की शिकायत पर मौके का मुआयना किया कि आखिर पुलिस मामले में ढील क्यों बरत रही है। माइनिंग वाले इलाके में पहुंचते ही आप कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया।
कार्यकर्ताओं ने अवैध माइनिंग के विरोध में नारेबाजी की
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सुंडरा गांव में हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद अवैध माइनिंग होने का आरोप हुए लगाते पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर वर्षों से डेराबस्सी में तैनात पुलिस अफसरों की माइनिंग माफिया के साथ तगड़ी साठगांठ है।
आम आदमी पार्टी के नेता हरबंस सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीते 5 दिसंबर 2014 का ऑर्डर जारी कर गांव में अवैध माइनिंग को बंद करने तथा माइनिंग के ठेकेदार के खिलाफ तुरंत क्रिमिनल एक्शन लेने का आदेश जारी किया था।
इसके बावजूद न तो गांव में माइनिंग बंद हुई न ही ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की गई। जबकि ठेकेदार खुलेआम गैर कानूनी रूप से डेराबस्सी क्षेत्र में माइनिंग का कारोबार कर रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश को डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी जेसीबी मशीनें, दर्जनों टैक्टर ट्रॉली और टिप्पर लगातार माइनिंग में लगे हैं। यहां फर्जी पर्चियां काटी जा रही हैं तथा बिना नंबर की दर्जनों टैक्टर ट्रॉली रेत की ढुलाई कर रही हैं।