तीन दिन से अपने घर से लापता चल रहे युवा कांग्रेसी नेता अरुण कुमार उर्फ अनु (27) निवासी गांव सनेत का शव रविवार सुबह सिधवां कनाल में गांव अयाली के पास मिला। परिजनों ने एक अकाली पार्षद पर धमकियां देने का आरोप लगाया है।
अरुण कुमार के भाई सन्नी ने कहा कि अरुण कुछ दिनों से बीमार था। वीरवार शाम को वह घर में था। इसी दौरान एक युवक आया और उसे अपने साथ ले गया। उसके बाद अरुण घर नहीं लौटा। देर रात तक अरुण घर नहीं आया, जिस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने इसकी शिकायत भी थाना सराभा नगर पुलिस को दी। रात करीब ढाई बजे अरुण का मोटरसाइकिल नहर किनारे मिला। पुलिस को वहां से एक कपड़ा भी मिला था।
पुलिस ने अरुण की काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने नहर का पानी कम कराया था। रविवार सुबह अयाली गांव के पास नहर में अरुण का शव देख किसी राहगीर ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकलवाया। रविवार दोपहर अरुण का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिस दौरान कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य मौजूद रहे।
सन्नी ने आरोप लगाया कि अरुण का एक अकाली पार्षद के साथ कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। उस दौरान उसने उन्हें धमकियां दी थी कि वह उससे बच के रहे। उन्होंने कहा कि अरुण की हत्या की गई है और हत्या के बाद शव नहर में फेंकवाया है। सन्नी ने आरोप लगाया कि उसके भाई की हत्या के पीछे अकाली पार्षद का हाथ हो सकता है। थाना सराभा नगर के एसएचओ सब इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने कहा कि पुलिस पहले मामला दर्ज कर चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस के पास नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।