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लुधियानाः कर्फ्यू के बीच दीवार फांदकर फरार हो गए चार कैदी, पुलिस अफसरों के हाथ-पैर फूले

Sat, 28 Mar 2020 05:39 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, लुधियाना
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सांकेतिक तस्वीर
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ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी और तीन हवालाती शुक्रवार की देर रात दीवार फांदकर फरार हो गए। चारों बैरकों से बाहर निकल स्टेडियम से हेते हुए सेंट्रल जेल और महिला जेल को जोड़ने वाली दीवार फांदकर कंबल नीचे लटका करीब दस फुट से कूद कर भग गए। जेल के चारों तरफ पहरा है और अंदर सीआरपीएफ के मुलाजिम तैनात हैं।। इससे आशंका जताई जा रही है कि चारों को भगाने में किसी न किसी की मिलीभगत है। चारों आरोपियों के फरार होने का पता उस समय चला जब सुबह बंदियों की गिनती होने लगी।
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चारों आरोपियों के फरार होने की सूचना मिलते ही जेल सुपरिंटेंडेंट राजीव अरोड़ा और एडीसीपी 4 अजिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। थाना डिविजन सात पुलिस नेआरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान हवालाती समराला निवासी रवि कुमार (24), फतेहगढ़ स्थित मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले हवालाती अमन कुमार उर्फ दीपक, संगरूर के बरनाला रोड स्थित बस्ती अजीत नगर निवासी अर्शदीप सिंह उर्फ शीपा और उत्तरप्रदेश के जिला सुल्तानपुर निवासी कैदी सूरज कुमार के रुप में हुई है।

चारों आरोपी जेल में इकट्ठे ही बंद थे और पिछले काफी समय से अकेले में घूमते रहते थे। किसी को यह आभास नहीं था कि चारों मिल कर भागने की प्लानिंग बना रहे है और मौके की तलाश में है। रोजाना कैदियों और हवालातियों की बैरकों में बंदी होती है और गिनती करने के बाद ही अधिकारी वहां से जाते हैं। शुक्रवार की देर रात को गिनती करने के बाद सभी चले गए। देर रात करीब एक बजे के बाद चारों आरोपी किसी तरह बैरक से बाहर निकले और वह स्टेडियम के रास्ते होते हुए महिला जेल की दीवार चढ़े और वहां से बाहर निकल गए।
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चारों ने कंबल को ही रस्सी बना लिया। वह कंबल को बाहर की तरफ लटकाने के बाद उसके सहारे बाहर आए और दस फुट कूद कर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि जिस तरह से कंबल दीवार के साथ लटका हुआ है, उससे आशंका जताई जा रही है कि बाहर से आरोपियों को सपोर्ट मिला था।

जेल के सुरक्षा कर्मचारियों को नहीं लगी भनक

जिस रास्ते से आरोपी भागे है वहां तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आरोपी एक एक कर फरार हो गए और जेल की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मचारियों को कुछ पता तक नहीं चल पाया। एक जेल नही बल्कि सेंट्रल और महिला जेल दोनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालियां निशान लग गया है। क्योंकि आरोपी सेेंट्रल जेल के स्टेडियम से दीवार चढ़ महिला जेल की दीवार से होते हुए फरार हुए है।

सेंट्रल जेल और महिला जेल साथ साथ बनी है। चारों तरफ से जेल पूरी तरह से बंद है। मेन गेट देर रात को बंद रहता है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए मशीनगन के साथ मुलाजिम तैनात है। जिस तरफ आरोपी कूदे है, वहां मुलाजिमों के घर है और कुछ ही दूरी पर जेल सुपरिंटेंडेंट की कोठी है। उसके पार कंटीली तार भी लगे हैं। अब आरोपी दीवार फांद कर किस तरफ फरार हुए अभी तक पता नहीं चल पाया है।
 
कोरोना वायरस के चलते जेल प्रशासन की तरफ से पिछले कुछ दिनों से मुलाकात बंद करवाई हुई है। महानगर की सड़कों पर पुलिस का काफी सख्त पहरा है। जेल का पहरा तोड़ने के बाद आरोपी जेल से फरार होकर बाहर निकले। बाहर पुलिस का सख्त पहरा है, देर रात को आरोपी कर्फ्यू में रास्ते पर घूमते रहे किसी को कुछ पता तक नहीं चला। आरोपी किस तरफ गए किसी को कुछ पता नहीं।
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चारों आरोपियों पर है संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज

चारों आरोपियों पर नशा तस्करी, चोरी, लूटपाट, शराब तस्करी सहित कई धाराओं के तहत मामले दर्ज है। आरोपी कैदी सूरज नशा तस्करी के मामले में 12 साल की सजा भुगत रहा है, जबकि चोरी के एक मामले में उसे एक साल की सजा हुई है। लुधियाना के थाना सदर में नशा तस्करी, चोरी, थाना डिवीजन दो में नशा तस्करी और थाना डिवीजन सात में फरार होने के मामले में अभी वह अंडर ट्रायल है। आरोपी रवि पर नशा तस्करी और जेल के अंदर फोन चलाने का मामला दर्ज है।

आरोपी अमन पर मंडी गोबिंदगढ़ के थाना में चोरी, थाना डिवीजन सात में हत्या के प्रयास, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने सहित कई संगीन आरोप में मामला दर्ज है। फतेहगढ़ के थाने में चोरी के दो मामले दर्ज है। आरोपी हवालाती शीपा के खिलाफ डिविजन चार में आर्म्स एक्ट और चोरी, मालेरकोटला में लूट, संगरूर में दो एक्साइड एक्ट और थाना डिवीजन तीन से फरार होने की कोशिश का मामला दर्ज है।  

क्या कहते हैं एडीसीपी
एडीसीपी 4 अजिंदर सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन सात में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों का पता लगा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी जेल से कैसे फरार हुए और जेल से फरार होने में उनकी किसी ने मदद की है या नहीं।
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