पंजाब के पूर्व चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी (सीपीएस) राज खुराना के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहे भ्रष्टाचार के मामले में शिकायतकर्ता मनप्रीत सिंह के खिलाफ एक बार फिर गैर जमानती (अरेस्ट) वारंट जारी हुए हैं। मनप्रीत इससे पहले भी कई बार पेशियों से छूट ले चुका है।
उसके पेशी से छूट लेने के कारण केस की सुनवाई टलती जा रही है। इसके चलते उसके खिलाफ पहले भी गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। पंजाब ऑटोमोबाइल मैकेनिक्स एसोसिएशन का जनरल सेक्रेटरी मनप्रीत मामले का अहम गवाह भी है। केस में मनप्रीत सिंह का पूरा क्रॉस एग्जामिनेशन होना है। बचाव पक्ष के वकील अमर सिंह चहल ने बताया कि मनप्रीत सिंह का अभी अधूरा क्रास एग्जामिनेशन हुआ है। केस की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
एसोसिएशन के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक शिकायत को रद्द करने को लेकर पूर्व सीपीएस राज खुराना पर 1.5 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप था। सीबीआई ने खुराना के सेक्टर-39 स्थित गवर्नमेंट हाउस में ट्रैप लगाकर 1.35 करोड़ रुपये के चेक और 15 लाख रुपये कै श बरामद किया था।
मई 2011 में हुई थी गिरफ्तारी
राज खुराना को जांच एजेंसी ने मनप्रीत सिंह की शिकायत पर 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में 5 मई 2011 को गिरफ्तार किया था। इस मामले में खुराना के अलावा फर्म्स एंड सोसाइटी डिपार्टमेंट ऑफ पंजाब के पूर्व रजिस्ट्रार दविंदर सिंह गिल तथा पंजाब के पूर्व मंत्री स्वर्णा राम के पर्सनल असिस्टेंट भाग सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने अगस्त 2013 में भ्रष्टाचार एक्ट समेत आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में आरोप तय किए थे।