किशोरी से दुराचार के मामले में दोषी युवक महेंद्र को जिला अदालत ने गुरूवार को दस साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत ने बीते मंगलवार को ही महेंद्र को दोषी करार दिया था। मामले में पुलिस ने दोषी महेंद्र के चाचा सोमपाल को भी किशोरी को अगवा करने में उसका साथ देने का आरोपी बनाया था, लेकिन अदालत ने बीते मंगलवार को सोमपाल पर आरोप साबित नहीं होने पर उसे बरी कर दिया था।
किशोरी के वकील धन बहादुर ने बताया कि दोषी ने लड़की को बीते वर्ष अगस्त महीने में अगवा किया था। फिर वह उसे अंबाला, दिल्ली और काशीपुर ले गया, जहां उसने किशोरी से दुराचार किया, लेकिन बाद में डर जाने के चलते वह उसे चंडीगढ़ छोड़ गया था।
नाबालिग के पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
पुलिस ने नाबालिग के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायत में बताया था कि कि उनके पांच बच्चे हैं। उनमें तीन लड़कियां और दो लड़के हैं। उन्होंने सबसे बड़ी बेटी को बहनोई के पास कुछ दिन के लिए भेजा था। 16 अगस्त 2017 को उनके बहनोई का फोन आया और उसने बताया कि उनकी बेटी बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई है। उन्होंने बेटी की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। कुछ दिन बाद पुलिस को किशोरी रेलवे स्टेशन से मिली। उसने अपने बयान में बताया कि वह अपनी बुआ के घर मर्जी से गई थी।
कोर्ट के आदेश पर किशोरी को सेक्टर-15 स्थित आशियाना में भेज दिया गया। किशोरी ने मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया, लेकिन चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के समझाने पर वह मेडिकल करवाने के लिए मान गई। फिर किशोरी ने कोर्ट में दोबारा बयान दिए और कहा कि महेंद्र ने उससे दुराचार किया और उसके चाचा सोमपाल ने उसकी मदद की थी। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट व दुराचार के तहत केस दर्ज किया था।
सेक्टर-25 में युवती से छेड़छाड़ पर केस
सेक्टर-25 स्थित कालोनी निवासी युवक राजन पर पुलिस ने युवती से छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शिकायतकर्ता युवती ने पुलिस को बताया कि वह अपने घर के समीप खड़ी थी। आरोपी ने वहीं पर उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने के बावजूद भी वह अपनी हरकत से बाज नहीं आया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।