चुन्नी लाल के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मरीज के रिश्तेदार मोहाली निवासी नारायण प्रसाद ने बताया कि चुन्नी लाल ने कई बार डॉक्टरों को अपनी समस्या बताई, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल में समय रहते इलाज मिल जाता तो चुन्नी लाल इतने हताश नहीं होते।
सुरक्षाकर्मियों ने संक्रमण की परवाह किए बिना घायल चुन्नी लाल को इमरजेंसी में पहुंचाया
जीएमसीएच-32 सुरक्षा गार्ड यूनियन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि इस घटना के बाद स्पष्ट है कि सुरक्षाकर्मी इस कोरोना काल में भी अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की चिंता करते हैं। चुन्नी लाल के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण कोई भी उनके पास नहीं जा रहा था लेकिन सुरक्षाकर्मी राजन कुमार, प्रेम सिंह, आशुतोष मिश्रा और धीरसेन सिंह ने तत्काल लहूलुहान चुन्नी लाल को इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका, यह दुखद है।
देर रात एक और मरीज ने की भागने की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा
जीएमसीएच-32 की पांचवीं मंजिल से देर रात करीब साढ़े दस बजे एक अन्य कोरोना पॉजिटिव मरीज ने भागने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मचारियों ने मरीज को देख लिया और तत्काल मरीज को पकड़कर कोरोना वार्ड में पहुंचा दिया। यह मरीज भी कोरोना वार्ड की उसी खिड़की से भागने की कोशिश में था, जहां से रविवार सुबह निकलकर चुन्नी लाल ने पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी थी।
घटना बेहद दुखद है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मरीज मानसिक तनाव में था। उसकी स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी। वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से जानकारी ली गई है। रविवार को मरीज के जरूरी टेस्ट के बाद सूद धर्मशाला में शिफ्ट किया जाना था। जहां तक पांचवीं मंजिल पर कोरोना के मरीजों को रखने से खतरे के आशंका की बात है तो इस संदर्भ में सोमवार को डायरेक्टर प्रिंसिपल के साथ बैठक कर उचित निर्णय लिया जाएगा। -डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट
इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इस मामले में अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है और वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - मनोज परिदा, एडवाइजर