मामूली-सी बात पर यूटी पुलिस के एक कांस्टेबल ने खाकी का रौब दिखाते हुए दुकानदार को बीच सड़क बेहरमी से पीटा। फिर उस पर ही कांस्टेबल की बाइक पर पीछे बैठी महिला से मारपीट का आरोप लगाकर उस पर समझौते का दबाव बनाया।
यही नहीं पुलिसकर्मी भी अपने साथी मुलाजिम को बचाने के लिए दुकानदार पर समझौते का दबाव बनाने लगे। सेक्टर-22 के एसएसीओ नंबर 1072-73 के टॉप फ्लोर पर दुकान चलाने वाले संजीव कुमार एक्टिवा स्कूटर पर आ रहे थे और कांस्टेबल अनूप कुमार मोटरसाइकिल पर था। दोनों में हल्की सी टक्कर हो गई।
कांस्टेबल ने संजीव कुमार को आगे जाकर बीच सड़क पर रोका और सरेराह उसे पीटना शुरू कर दिया। मार्केट के लोग वहां एकत्रित हो गए। लोगों ने बीच-बचाव कर उसे छुड़वाया। कांस्टेबल की पिटाई से पीड़ित की एक अंगुली भी टूट गई। कांस्टेबल पीसीआर में तैनात है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि सेक्टर-22 चौकी पहुंचने के बाद भी पुलिस वाले अपने मुलाजिम का ही पक्ष लेते रहे। घंटों तक मेडिकल नहीं करवाया और समझौते का दबाव डालते रहे।
पीड़ित के मुताबिक शाम को जब वह नहीं माना तो पुलिस ने उल्टे उस पर कांस्टेबल की बाइक के पीछे बैठी महिला से मारपीट करने का आरोप मढ़ते हुए उसका मेडिकल करवाने की बात कही। इसके बाद पीड़ित को मजबूरन कांस्टेबल से समझौता करना पड़ा।