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डायरी से खुलासा, बर्खास्त एएसआई के पाक तस्करों से संबंध

Sun, 31 Jan 2016 09:49 AM IST
विनय कोछड़/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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डायरेक्टर रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) से बर्खास्त एएसआई रंजीत सिंह के पास से अजनाला पुलिस ने पाकिस्तानी सिम, मोबाइल, भारतीय सिम और एक डायरी बरामद की है। डायरी में 15 पाकिस्तानी तस्करों के नाम लिखे हैं।
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इनमें पाकिस्तान के दो प्रमुख तस्करों काला और अनवर का पक्का पता लाहौर शहर लिखा है। अजनाला पुलिस ने रंजीत सिंह को 29 जनवरी की देर शाम अटारी के नजदीकी गांव मोदे से गिरफ्तार किया था। शनिवार को उसे अजनाला सीजेएम की विशेष अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

अजनाला थाना प्रभारी जगबीर सिंह औलख के मुताबिक 27-28 जनवरी की रात कोलम डोगर पर पाक तस्करों ने फायरिंग की थी। बीएसएफ की जवाबी फायरिंग में पाक तस्कर सीमा पर मैगजीन छोड़ फरार हो गए। इसी दौरान बीएसएफ को कंटीले तार के नजदीक एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया।
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बीएसएफ ने 28 जनवरी को इसकी जानकारी अजनाला पुलिस को दी। अजनाला पुलिस ने शक के आधार पर रंजीत सिंह को 29 जनवरी को उसके गांव मोदे से हिरासत में ले लिया। रंजीत सिंह की सीमा के नजदीक लगभग आठ एकड़ जमीन है। यहीं से वह अक्सर पाक तस्करों से संपर्क करता था।
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पाक तस्करों से कई बार हेरोइन की खेप ले चुका था रंजीत

अजनाला पुलिस ने खुलासा किया है कि रंजीत सिंह पाक तस्करों काला और अनवर से कई बार हेरोइन की खेप लेकर भारत के कई हिस्सों में सप्लाई कर चुका है। इसमें उसकी सीमा पर जमीन खासी मददगार बनती थी क्योंकि यहीं से वह पाक तस्करों से डील करता था।

अजनाला पुलिस की अभी तक की जांच में पता चला है कि भारत के तस्करों के साथ भी रंजीत की अच्छी पहचान थी, जिन्हें वह समय-समय पर हेरोइन की खेप पहुंचाता था। यही खेप विदेशों तक पहुंचती थी। खुफिया एजेंसियों ने भी शनिवार को रंजीत सिंह से पूछताछ की। एजेंसियां भारत और पाक तस्करों के नाम और पते की जानकारी जुटाने में लग गई हैं।

2012 में अटारी स्टेशन पर हेरोइन के साथ पकड़ा गया था
अजनाला के डीएसपी तिलकराज के मुताबिक रंजीत सिंह डीआरआई अमृतसर में बतौर एएसआई तैनात था। रंजीत की ड्यूटी अटारी रेलवे स्टेशन पर होती थी। यहां पाक से आने वाली रेलगाड़ी के डिब्बों में हेरोइन नीचे छिपाकर लाई जाती थी।

फिर स्टेशन पर कुली की मदद से सामान के साथ बाहर निकाला जाता था। इस हेरोइन को रंजीत सिंह आगे दूसरों को सप्लाई करता था। अटारी पर ही उसे हेरोइन के पैकेट के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया था। तब से ही वह फरार चल रहा था। हेरोइन बरामदगी के बाद विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया था।
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