चंडीगढ़ के सेक्टर-21 निवासी कंप्यूटर टीचर मोनिका की हत्या के मामले की सुनवाई सोमवार को अतिरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान सीएफएसएल विशेषज्ञ डॉक्टर संजीव के क्रॉस बयान दर्ज किए गए। डॉक्टर ने कहा कि उनके पास भेजे गए कपड़ों पर ए ग्रुप का खून लगा था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई एक नवंबर को तय की है।
सेक्टर-21 स्थित कोठी नंबर 2100 निवासी कंप्यूटर टीचर मोनिका की 15 अक्तूबर 2012 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मोनिका के भाई अमित ने हत्या की आशंका जताई थी।
पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर मोनिका के पति विकास गोयल, सास प्रेमलता और ससुर ज्ञान प्रकाश गोयल, देवर विशाल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने मोनिका के घर में दोबारा जांच की तो कोठी से खून से सनी चादर मिली, जिसे आरोपियों ने धो रखा था। पुलिस ने इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत छिपाने की धारा भी जोड़ दी थी।
सीएफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मोनिका की मौत मामले में सभी आरोपियों पर हत्या की धारा भी लगा दी थी।