डेराबस्सी के गांव देवीनगर में रविवार सुबह गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग फाड़कर बेअदबी करने से तनाव पैदा हो गया। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित गुरुद्वारे में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कुल 50 पन्ने फाड़े गए, जबकि गुरुद्वारे से करीब ही एक समाध पर शौच कर वहां भी बेअदबी की गई। इसके बाद वहां तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने पांच घंटे में आरोपी को पकड़ लिया, उसे मानसिक रोगी बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, देवीनगर के भाई संगत सिंह गुरुद्वारे में हुई घटना का पता सुबह करीब पौने सात बजे लगा। माथा टेकने गए युवक परनीत सिंह ने देखा कि ग्रंथ साहिब से रुमाला एकतरफ था और अंग फाड़े गए थे। उन्होंने गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान प्रेम सिंह को इसकी सूचना दी। पता चला कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 50 अंग फाड़े गए थे। इस बीच पास ही समाध में ही शौच कर बेअदबी का मामला प्रकाश में आया।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया। मौके पर एमएलए एनके शर्मा, एसजीपीसी सदस्य निरमैल सिंह जौला, कांग्रेस के अमृतपाल सिंह, आप प्रत्याशी बीबी सर्बजीत कौर, उनकी बेटी, नगर प्रधान भूपिंदर सैनी, पार्षद रविंदर बतरा के अलावा हरिकृष्ण सेवक जत्था और दमदमी टकसाल, राजपुरा से एक जत्था मौके पर पहुंचा। सभी ने घटना की कड़ी निंदा की। समय की नजाकत को देखते हुए फोर्स और पुलिस मुलाजिमों की तैनाती कर दी गई। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, एसपीडी जसकरण सिंह तेजा, डीएसपी परमिंदर, सीआईए इंचार्ज अतुल सोनी समेत चारों थानों के प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। इनके अलावा डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स व दंगाविरोधी पुलिस की टीमें भी मौके पर बुलाई गईं।
मानसिक रोगी निकला आरोपी, बहन की मौत से सदमे था
डेराबस्सी के गांव देवीनगर में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से तनाव
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सिख संगत की हाजिरी में एसपी(डी) जसकरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि सुरजीत सिंह उर्फ भोला (28) पुत्र महिंदर सिंह वासी देवीनगर ने रविवार सुबह करीब छह बजे बेअदबी की वारदात को अंजाम दिया। दिमागी तौर पर कमजोर भोला अपनी हरकतों के लिए गांव में मशहूर है। बीते तीन साल से उसका हिमाचल प्रदेशन स्थित धर्मपुर में उपचार चल रहा है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए व 380 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। केस से जुड़ी कुछ और बारीकियों का पता लगाने के लिए पुलिस कोर्ट से उसको रिमांड पर लेगी। इस बीच सिख संगत ने फैसला लिया है कि 8 मार्च को ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ रख 10 मार्च को भोग के बाद ही स्वरूप के फाड़े गए अंग प्रवाहित किए जाएंगे।
गुरुद्वारे में माथा टेकने वालों से हुआ खुलासा
पुलिस की जांच सुबह वारदात से पहले गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने जाने वाली संगत पर टिकी हुई थी। पुलिस के शक के घेरे में दस लोग आए। जिनमें आरोपी युवक भी शामिल था। उसे एक महिला ने गुरुद्वारा साहिब जाते हुए देखा था। पुलिस ने शक के आधार पर युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह मुकर गया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि तीन महीने पहले स्टोव फटने से उसकी बहन की मौत हो गई थी। इस कारण वह सदमे में था। उसे लगता था कि उसकी बहन को भगवान ने मारा है, उसने बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। उसने जगह-जगह दीवारों पर भी लिखा हुआ है कि भगवान की मौत भोले के हाथों।