संत अतर सिंह अकादमी के दसवीं कक्षा के छात्र हरिगढ़ नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। मामले में पुलिस ने दो अध्यापिकाओं खिलाफ आत्महत्या करने को मजबूर की धाराओं तहत मामला दर्ज किया है।
बडरूखां पुलिस चौकी के प्रभारी हरदयाल दास ने बताया कि बीती 27 अगस्त को संत अतर सिंह अकादमी के दसवीं कक्षा के छात्र जसजीवन सिंह (16) ने हरीगढ़ नहर में छलांग लगा दी थी।
दो दिन के बाद गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद जसजीवन का शव बरामद किया था। उन्होंने बताया कि पहले छात्र के नहर में छलांग लगाने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा था।
बाद में मृतक लड़के के ताया भुपिंदर सिंह ने पुलिस कोए बयानों में कहा कि उसके भतीजे जसजीवन सिंह को अकादमी की दो अध्यापिकाओं जसविंदर कौर राय और उषा रानी ने इतना जलील किया कि वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया।
उनके बयानों मुताबिक दोनों अध्यापिकाओं ने जसजीवन को न केवल जमकर पीटा बल्कि उसे कमरे में बंद भी कर दिया था। अपनी इस बेइज्जती को जसजीवन सहार न सका और उसने खुदकुशी करने जैसा कदम उठा लिया।
पुलिस ने इन बयानों के आधार पर धारा 306, 342,323, 34 आईपीसी तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने संगरूर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव वारिसों को सौंप दिया।