गांव बब्बेहाली में मंगलवार को अकालियों और कांग्रेसियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस बीच जमकर किरपाण चले। पंचायत के इजलास के दौरान हुई इस घटना में एक तरफ से गुरदासपुर के पूर्व विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली के बेटे अमरजोत सिंह समेत तीन घायल हो गए।
गंभीर हालत के कारण सिविल अस्पताल में उपचार के बाद उन्हें अमृतसर रेफर कर दिया गया। वहीं कांग्रेस की ओर से घायल पार्टी के चार वर्कर भी अस्पताल में दाखिल हैं। घायल अमरजोत सिंह का आरोप है कि घटना को गुरदासपुर के कांग्रेसी विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा की शह पर अंजाम दिया गया।
गंभीर रूप से घायल अमरजोत ने उपचार के दौरान बताया कि वह कुछ अन्य लोगों के साथ अपनी गाड़ी से कहीं जा रहा था। तभी अचानक दूसरी तरफ से कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग की। इसी बीच करीब 10 से 15 की संख्या में आए कांग्रेस के कुछ नेताओं और उनके समर्थकों ने उन पर किरच और किरपाण से हमला कर दिया। अमृतसर रेफर होने वालों में अमरजोत सिंह पुत्र गुरबचन सिंह निवासी गांव बब्बेहाली, सिकंदर सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी गुरदासपुर तथा गगनदीप सिंह पुत्र जतिंदर सिंह निवासी गांव बब्बेहाली के शामिल हैं।
अकाली-कांग्रेसियों में हिंसक झड़प
दूसरी तरफ गुरदासपुर के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे कांग्रेसियों की पहचान गुरमुख सिंह पुत्र प्रीतम सिंह, नवजोत सिंह पुत्र इकबाल सिंह, गुरमीत सिंह पुत्र तरलोक सिंह तथा गुरमीत सिंह पुत्र सोहन सिंह सभी निवासी गांव बब्बेहाली के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गांव में पंचायत का इजलास था। आरोप लगाया कि इसी दौरान पूर्व विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने अपने समर्थकों से उन पर हमला करवा दिया। उधर, मामले में गुरदासपुर के एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने बताया कि घटना में कोई फायरिंग नहीं हुई। हालांकि घटना में किरपाण जैसे धारदार हथियारों का प्रयोग जरूर हुआ है। पुलिस शांति बहाली के लिए प्रयास कर रही है।
डरा-धमकाकर धौंक जमाना चाहते हैं बब्बेहाली : पाहड़ा
गुरदासपुर। गांव बब्बेहाली में मंगलवार को अकालियों और कांग्रेसियों के बीच हुए हिंसक झड़प की घटना के साथ ही इसे लेकर दोतरफा सियासत शुरू हो गई है। मामले में गुरदासपुर के विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा का कहना है कि गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने पिछले दस वर्षों तक क्षेत्र के लोगों को डरा-धमकाकर राज किया है। वे अब भी धौंक जमाना चाहते हैं। उन्होंने बाहरी लोगों को बुलाकर पंचायत के इजलास का मजाक उड़ाया। साथ ही लोगों के साथ धक्केशाही करनी चाही। इसे गांव के ही लोगों ने स्वीकार नहीं किया और झड़प की नौबत आ गई। पाहड़ा ने कहा कि यह बब्बेहाली तथा उनके बेटे अमरजोत अभी तक विधानसभा चुनाव में हार के झटके से उबर नहीं पाए हैं। उनकी ओर से बात-बात पर मेरा नाम घसीटा जाता है।