दस वर्षीय बच्ची से गैंगरेप के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज अंशु शुक्ला की अदालत ने सेक्टर-49 निवासी चंद्रपाल और ललित कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने 1 लाख 1 हजार रुपये प्रति दोषी जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने जुर्माना राशि बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। चंद्रपाल और ललित कुमार के खिलाफ सेक्टर-34 थाना पुलिस ने गैंगरेप, धमकाने और पॉक्सो एक्ट की धारा दो और छह के तहत केस दर्ज किया था। पीड़िता ने अदालत में दोषियों की पहचान की थी।
घटना 4 अक्तूबर 2014 की है। शहर निवासी 10 वर्षीय बच्ची घटना की रात 9:30 बजे घर से पड़ोस में जा रही थी। चंद्रपाल बच्ची के घर के ग्राउंड फ्लोर पर ही रहता था। उसने रात में बच्ची को अकेला देखा और जबरन अपने घर ले गया। वहां ललित पहले से मौजूद था। पीड़िता ने चंद्रपाल से बचने की कोशिश की और चिल्लाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने उसका मुंह बंद कर दिया।
इसके बाद उन्होंने उससे दुष्कर्म किया। वारदात के बाद दोनों ने बच्ची को धमकाया और इस बारे में किसी को कुछ भी बताने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद बच्ची वहां से भागकर अपने घर आई और डरी सहमी हालत में इस बारे में बड़ी बहन को जानकारी दी। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए बयान में कहा था कि ललित ने उससे 12 सितंबर और चंद्रपाल ने उससे चार अक्टूबर को रेप किया था।