शहर में एक 13 साल के बच्चे की मौत हो जाने पर भड़के पारिवारिक सदस्यों व उनके समर्थकों ने एक प्राइवेट आकाशदीप अस्पताल, डाक्टर का घर, वाहन व अन्य सामान की तोड़फोड़ के बाद आग के हवाले कर दिया है। भड़की भीड़ ने डाक्टर की लाखों रुपये की संपत्ति को आग के हवाले कर दिया।
लोगों के गुस्से को देखते हुए जिले भर की पुलिस बल मंगवाया गया, लेकिन फिर भी तोड़फोड़ जारी रही। मृतक के परिजनों ने डाक्टर का लाइसेंस रद् करने के साथ-साथ उसको हिरासत में लेने की मांग की। इस मामले को लेकर बुधवार देर शाम तक हंगामा होता रहा। पुलिस ने डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद छोड़ा।
वार्ड नंबर 16 का 13 वर्षीय बच्चा नरिंदर कुमार पुत्र स्व. सुरेश कुमार मंगलवार दोपहर अचानक बीमार हो गया। उसको बारा हट्टा चौक में स्थित डा. आकाशदीप के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन डा. आकाशदीप ने बुधवार सुबह बच्चे को बठिंडा के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
बच्चे की माता ममता रानी ने बताया कि बठिंडा के डाक्टरों द्वारा बताया गया कि बच्चे की मौत छह घंटे पहले हो चुकी है। ममता ने आरोप लगाया कि डा. आकाशदीप ने बच्चे की मृत्यु हो जाने के बात जानते हुए भी उसे बठिंडा रेफर कर दिया। इस मामले को लेकर परिवार के सदस्यों में गुस्से की लहर दौड़ गई।
मानसा पहुंचते ही पारिवारिक सदस्यों व उनके समर्थकों ने बच्चे के शव को आकाशदीप अस्पताल के सामने सड़क पर रख दिया और अस्पताल की तोड़फोड़ शुरू कर दी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग परिवार के साथ जमा हो गए और उन्होंने अस्पताल समेत अस्पताल से थोड़ी दूर बने डायलेसिस यूनिट को तोड़फोड़ के बाद फूंक डाला।
भड़की भीड़ ने जहां डाक्टर की माता से मारपीट की वहीं वाटर वर्क्स रोड पर बने डाक्टर के घर के सामान को भी आग के हवाले कर दिया। इस दौरान डाक्टर की एक्टिवा स्कूटी, क्लिनिक का सामान व घर का पूरा सामान फूंका गया। स्थिति बेकाबू होते देख पूरे जिले से पुलिस बल को यहां बुलाया गया।
एसएसपी बिक्रमपाल सिंह भट्टी, एडीसी गुरप्रीत सिंह खैरा, एसपीएच कुलदीप शर्मा, एसपीडी रघुवीर सिंह, डीएसपी सुलखन सिंह, अमरीक सिंह दियोल, रूपिंदर भारद्ववाज व एसडीएम राकेश कुमार पुलिस बल समेत पहुंचे और स्थिति को काबू करने का प्रयास किया। देर सांय तक दोनों पक्षों में बातचीत जारी थी। देर सांय पोस्टमार्टम करवाने के लिए लाश को सिविल अस्पताल लाया गया।
बच्चे के अभिभावक जहां डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ उस का लाइसेंस रद् करने की मांग कर रहे हैं वहीं डा. आकाशदीप ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए तोड़फोड़ करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, एसएसपी बिक्रमपाल सिंह भट्टी ने कहा कि बच्चे के पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। लापरवाही सामने आने पर कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, एसडीएम के राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित के परिजनों को अर्थिक तौर पर पांच लाख रुपये देने की घोषणा की गई है।