बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले के 26 आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को पटियाला की अदालत में चार्ज फ्रेम हो गए। कोर्ट ने इस मामले के तीन आरोपियों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं, जिन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। अब इस केस में अगली सुनवाई पांच फरवरी को होगी। एडवोकेट दर्शन सिंह नाभा ने बताया कि नाभा जेल ब्रेक मामले में पटियाला की एडिशनल सेशन जज धरमिंदरपाल सिंगला की अदालत में मंगलवार को पुलिस ने 26 आरोपियों को सख्त सुरक्षा के बीच पेश किया गया।
मंगलवार को अदालत में इन 26 आरोपियों के खिलाफ डकैती, हत्या की कोशिश, लड़ाई झगड़े, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, साजिश रचने, आर्म्स एक्ट समेत कुछ अन्य धाराओं के तहत चार्ज फ्रेम हुए। इसके बाद कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ चल रहे केस को गवाहियों पर लगा दिया। साथ ही इस केस के तीन आरोपियों चनप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह और अमनदीप सिंह के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए। जिन्हें पुलिस आज कोर्ट में पेश नहीं कर सकी।
कोर्ट ने पुलिस को इन तीनों आरोपियों को 19 जनवरी को पेश करने के आदेश दिए। नाभा जेल ब्रेक मामले में भीम सिंह, जगमीत सिंह, तेजिंदर शर्मा, गुरप्रीत सिंह, बिकर सिंह, पलविंदर सिंह पिंदा, जगतवीर सिंह, नरेश नारंग, हरजीत सिंह, रणजीत सिंह, मोहम्मद असीम, सुनील कालड़ा, मनी सेखों, राजविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, किरनपाल सिंह किरना, रविंदर सिंह, अमन कुमार, हरमिंदर सिंह मिंटू, चनप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, सुखचैन सिंह सुखी, सुलखन सिंह, वरिंदर सिंह उर्फ रिकी, कुलप्रीत सिंह, नीटा दियोल, मनजिंदर सिंह, जतिंदर सिंह टोनी, गुरप्रीत सिंह गोरे, गुरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह सेखों के खिलाफ पुलिस ने साल 2016 में थाना कोतवाली नाभा में केस दर्ज किया था।
इन आरोपियों में से हरमिंदर सिंह मिंटू की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। नाभा जेल में नवंबर 2016 में कार में सवार होकर आए कुछ अज्ञात व्यक्ति अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए अंदर घुस गए थे और जेल में बंद गैंगस्टरों व कैदियों को भगा कर अपने साथ ले गए थे। हालांकि बाद में पुलिस ने फरार गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया था।