उच्चाधिकारी जल्द ही आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक महेंद्रगढ़ थाना पुलिस ने चंडीगढ़ पहुंचकर आरोपी का रिकॉर्ड खंगाला और उसके घर के पते समेत अन्य जानकारी हासिल की।
कॉल डिटेल से कांस्टेबल की मिलीभगत का खुलासा
पुलिस ने आरोपी नीरज और संदीप के मोबाइल जब्त कर उनकी कॉल डिटेल हासिल की। कॉल डिटेल से ही आरोपी कांस्टेबल सोनित की भूमिका का पता लगा। उसके मोबाइल से व्हाट्स एप पर आंसर-की भेजी गई थी। पुलिस आंसर-की का पता लगाकर उसे हासिल कर चुकी है।
आंसर-की के मिलान का इंतजार
आरोपी के मोबाइल से मिली आंसर-की का असली-की से मिलान को फिलहाल कुछ समय लगेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आंसर-की मिलने में कुछ समय लग सकता है। मिलान होने पर ही मामले की तह तक पड़ताल हो सकेगी और यदि आंसर-की समान पाई गई तो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में आनी स्वाभाविक होगी।
यह था मामला
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से बीती 23 दिसंबर को पुरुष कांस्टेबल के पदों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। महेंद्रगढ़ के एक परीक्षा केंद्र में हिसार के नियाना गांव निवासी नीरज पेपर देने पहुंचा था। अंतिम पांच-सात मिनट शेष रहते समय नीरज का भाई संदीप नकली फ्लाइंग बनकर सेंटर में घुसा। उसने भाई नीरज के कमरे में जाकर उसे आंसर-की पकड़ा दी। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने शक होने पर उसे पकड़ लिया। लेकिन सबूत खत्म करने के लिए नीरज आंसर-की को निगल गया था।