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चंडीगढ़ रेप: चार्जशीट में किस पर कौन सी धारा?

Wed, 15 Jan 2014 02:10 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार मामले में एसआईटी ने चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त पांच कांस्टेबलों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है।
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चार्जशीट अलग-अलग धाराओं के तहत तैयार की है। एसआईटी 20 जनवरी तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में चार्जशीट दायर कर सकती है।

अक्षय और सुनील पर लगाई दुराचार की धारा
अक्षय और सुनील पर दुराचार और पासको की धारा जबकि हिम्मत, जगतार और अनिल पर छेड़छाड़ की धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि अक्षय और सुनील ने अपने कमरे और पीसीआर में दुराचार किया है जबकि हिम्मत, जगतार, अनिल ने मिलकर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया है।

19 दिसंबर को दी थी शिकायत
खुड्डा लाहौरा की दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को डीएसपी आशीष कपूर को शिकायत दी थी। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने अक्षय, सुनील, जगतार, हिम्मत और अनिल को गिरफ्तार किया था।
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अगले दिन पुलिस विभाग ने पांच कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश की थी। मामले की जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने ही मामले में सारे पहलुओं पर जांच की थी।

इन पर है दुराचार के आरोप
अक्षय
मुख्य आरोपी कांस्टेबल अक्षय ही है। सबसे पहले अक्षय ही पीड़ित लड़की के संपर्क में आया था। उसी ने सबसे पहले दुराचार किया। वह वर्ष 2006 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। अक्षय मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के सेक्टर-12 का निवासी है।

सुनील
सुनील खुड्डा लाहौरा में रहता है। वह वर्ष 2010 में कांस्टेबल भर्ती हुआ था। सुनील मूल रूप से हिसार के गांव धामी का निवासी है। वह सीआईए में तैनात था।

इन पर है छेड़छाड़ के आरोप
जगतार
जगतार की ड्यूटी भी उसी पीसीआर में रहती थी जो स्कूल के बाहर सुरक्षा में तैनात होती थी। जगतार वर्ष 2010 में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के गांव तलवंडी का रहने वाला है।

हिम्मत
हिम्मत 2010 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से रेवाड़ी के धामी कोला का निवासी है। आरोप है कि हिम्मत ने लड़की पर कई बार फोन करके तंग भी किया है।
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अनिल
अनिल ने साल 2010 में कांस्टेबल की नौकरी हासिल की है। अनिल यहां पर मनीमजारा के पिपली वाला टाउन का निवासी है। अनिल मूल रूप से गांव लंबी, राजस्थान का ही निवासी है।
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