दुराचारी कांस्टेबल गैंग के पांचों आरोपियों को चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी राहत दी है। बुधवार को पुलिस की ओर से आरोपियों का रिमांड बढ़ाने के लिए नहीं कहा गया।
इसके बाद पांचों को 6 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरी ओर एसआईटी ने मंगलवार को पीड़िता से लगातार सात घंटे पूछताछ की और सूरज ढलने के बाद भी यह जारी रही।
आरोपियों के लिए वीआईपी घेरा
ड्यूटी मजिस्ट्रेट शिफा की अदालत में दुराचार के आरोपी कांस्टेबल अक्षय, सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत को बुधवार को पेश किया।
पांचों आरोपी मुंह पर रुमाल बांध कर कड़ी सुरक्षा में उन्हें पेश किया गया। उन्हें पेश करने से पहले पुलिस की ओर से आरोपी कांस्टेबलों के दोनों तरफ रस्सी से वीआईपी घेरा बनाया गया।
आरोपियों की पहचान छुपाये रखने के लिए कोर्ट रूम के बाहर खड़े लोगों को पुलिस ने पहले ही खदेड़ दिया।
कांस्टेबलों के पेशी से एक घंटे पहले ही डीएसपी जगबीर सिंह और अश्वनी कुमार ने चार एसएचओ के साथ अदालत के चारों ओर कड़ी सुरक्षा घेरा बना दिया।
पुलिस की ओर से पांचों आरोपियों का और रिमांड नहीं मांगा गया और कहा किया कि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।