दुराचारी कांस्टेबल गैंग मामले में जांच टीम ने सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पीड़िता पर समझौते के लिए किस-किस ने दबाव बनाया।
जांच टीम सीसीटीवी फुटेज से यह भी देखेगी कि क्या पीड़िता के बयान लेते समय आरोपियों को सामने बैठाया गया था।
पीड़िता से सवाल
एसआईटी की टीम ने वीरवार को पीड़िता नाबालिग छात्रा अल्ट्रासाउंड करवाया। एसआईटी प्रभारी कमला मीणा और इंस्पेक्टर हरजीत कौर दोपहर 12 बजे पीड़ित छात्रा को लेकर जीएमएसएच-16 पहुंचे और अल्ट्रासाउंड करवाया।
एसआईटी को पीड़िता ने बताया कि दो कांस्टेबलों ने उससे पीसीआर, निजी गाड़ी और कमरे में बलात्कार किया। उसने एफआईआर में दर्ज आरोपों को ही दोहराया। दोपहर दो बजे एसआईटी ने पीड़िता को पूछताछ के बाद घर जाने दिया।
ये हैं मामले के आरोपी
मामलों के पांचों आरोपी पुलिस की पीसीआर और क्राइम ब्रांच में कांस्टेबल थे। मामला सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने के बाद नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
इनमें कांस्टेबल अक्षय, सुनील, अनिल, हिम्मत और जगतार शामिल हैं और पांचों न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
इस मामले में पुलिस पर आरोपियों का बचाव करने के आरोप शुरू से ही लग रहे हैं।
इन आरोपों के चलते आईजी को एसआईटी भंग कर नई बनानी पड़ी थी।