पांच पुलिसकर्मियों द्वारा दसवीं कक्षा की छात्रा से डेढ़ महीने तक दुराचार किए जाने के मामले में नई गठित एसआईटी ने भी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं।
एसआईटी और विजिलेंस टीम ने दोपहर साढ़े 12 बजे से रात साढ़े सात बजे तक लगातार पीड़िता से पूछताछ की। यह पूछताछ सूरज ढलने के बाद भी हुई।
इस दौरान पीड़िता के साथ कोई महिला मौजूद नहीं थी। यह बात पीड़िता के वकील ने अदालत को बताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने बलात्कार मामले में सभी नियम ताक पर रख दिए हैं।
वकील ने कहा कि पूछताछ के दौरान पार्षद सौरभ जोशी के साथ रहने को मंजूरी दी जाए। पीड़िता के वकील ने दावा किया कि मामले की एफआईआर पहले ही दिन पुलिस साइड पर लोडकर पीड़िता की पहचान सार्वजकि करने की कोशिश की गई। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि कोई एफआईआर लोड नहीं की गई।
शाम होने के बाद पीड़िता से पूछताछ नहीं : कोट
अदालने सभी पक्षों की दलील सुनने केबाद आदेश दिए कि पीड़िता के बयानों के समय एक परिजन मौजूद होगा और शाम होने के बाद उससे कोई पूछताछ नहीं होगी।
अदालत ने सभी पांचों कांस्टेबलो को 6 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।