आखिरकार चंडीगढ़ प्रशासन ने भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (आईआरएसडीसी) के प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है। प्रपोजल में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की मांग की गई थी।
प्रशासन के इस कदम से अब चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके तहत रेलवे 500 एकड़ जमीन को कॉमर्शियल रूप से विकसित करेगा। वर्षों पहले आईआरएसडीसी ने चंडीगढ़ सहित पांच रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने का ऐलान किया था। उसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन और आईआरएसडीसी के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही थी।
एडवाइजर विजय कुमार देव ने इस प्रोजेक्ट को बहुत ही पॉजीटिव तरीके से लिया और आईआरएसडीसी के प्रपोजल को स्वीकार कर लिया।
यह था विवाद
अंतरराष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन बनाने के लिए बड़ी समस्या यह थी कि कंसलटेंट कंपनी का चुनाव नहीं हो पा रहा था। काफी विचार के बाद इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाली जर्मनी की कंपनी को कंसलटेंट नियुक्त किया गया। इसके बाद बिल्डिंग बायलाज पर भी चंडीगढ़ प्रशासन सहमत नहीं था।
प्रशासन का मानना था कि अगर एजेंसी के मुताबिक उन्होंने प्रपोजल स्वीकार किया तो मास्टर प्लान गड़बड़ा सकता है। काफी दौर की बैठक के बाद एजेंसी ने चंडीगढ़ प्रशासन के 2031 के प्रपोजल पर सहमति जता दी।