चंडीगढ़ में विदेश भेजने के नाम पर मासूम लोगों को ठगकर उनसे लाखों रुपये की उगाही करने वाले गिरोह का सेक्टर-3 थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में जांच टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनके खिलाफ बीते कुछ दिन पहले ही धोखाधड़ी सहित इमीग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए थे।
इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जब इनसे पूछताछ की गई तो इन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। बताया कि वह लोग फर्म द्वारा लोगों केा विदेश में वीजा के लिए विज्ञापनों / सोशल मीडिया के जरिए से लुभाते है क्योंकि अन्य राज्यों के लोग आसानी से उनके विज्ञापनों से प्रभावित हो जाते हैं और फिर उनकी फर्म द्वारा उन लोगों से विदेश भेजने के नाम पर पैसें ऐंठे जाते है।
पूछताछ के दौरान आरोपी जय करण जोशी ने खुलासा किया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर विदेश भेजने के बहाने कई लोगों से लाखों रुपये लिए। बताया किया कि वे एक स्थान पर इमीग्रेशन कार्यालय खोल लेने के बाद उसी जगह 2-4 लोगों से लाखों रुपये फीस ले लेते थे और फिर कुछ दिन बाद उस आफिस को बंद कर देते थे। इसके बाद वह किसी अन्य जगह जाकर दूसरा नया आफिस नए नाम से खोल देते थे ताकि लोगों को उनकी फर्म के बारे में पता न चल सकें।
जांच टीम ने जांच के दौरान एससीओ नंबर 196-197, दूसरी मंजिल, सेक्टर-22, चंडीगढ़, एससीओ नंबर 21, इनर मार्केट, सेक्टर-22, चंडीगढ़ और एससीओ नंबर 363, पहली मंजिल, सेक्टर-44 चंडीगढ़ में तलाशी लेने के लिए कोर्ट से सर्च वारंट जारी करवाए। तदनुसार, उक्त एससीओ में तलाशी ली गई और करीब आरोपियों के आफिसों से 102 पासपोर्ट, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनके कुछ अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि मेडिकल जांच के लिए आरोपी आवेदकों को हेल्थ केयर डायगानो लैब, एससीओ नंबर 23 द्वितीय तल, सेक्टर-33 डी मे भेजते थे। यहां प्रत्येक आवेदक से लैब में मेडिकल के लिए 6 हजार से 6500 रुपये वसूले जाते थे। रहे थे और आगे वे लैब में मेडिकल जांच के लिए प्रति आवेदक 400 से 500 रुपये का भुगतान कर रहे थे।
आरोपी अरशद खान और महिपाल सिंह द्वारा ही मेसर्स हेल्थ केयर डायगानो लैब के नाम से फर्जी लैब चलाई जा रही थी। इनकी लैब से कई मेडिकल जांच रसीदें, रक्त के नमूने वाली कई शीशियां, लगभग 1600 प्री-मेडिकल जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान इन दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने रक्त के नमूने लेने के लिए दो अशिक्षित लड़कियों को काम पर रखा था, जिनके पास कोई अनुभव/डिग्री नहीं थी।
-मेसर्स स्मार्ट वीजा प्वाइंट सेक्टर -8 सी, चंडीगढ़