रिश्वतखोरी में रंगे हाथ पकड़े जाने वालों में चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर सबसे आगे हैं। सबीआई पिछले सात साल में अब तक 45 पुलिस वालों को रिश्वत लेते दबोच चुकी है। इनमें 33 के खिलाफ मामला चल रहा है।
2007 से अब तक पकड़े गए पुलिस वालों में सबसे ज्यादा 15 सब इंस्पेक्टर, 12 कांस्टेबल, 11 हेडकांस्टेबल, तीन इंस्पेक्टर, दो सहायक सब इंस्पेक्टर और एक एसपी शामिल हैं। हर मामला सामने आने के बाद चंडीगढ़ के आला पुलिस अधिकारी बैठक करते हैं और औपचारिक ताकीद देते हैं मगर सारा काम वैसे ही चलता रहता है।
सीबीआई के शिकंजे में वर्दी वाले
28 फरवरी 2007: कांस्टेबल सतीश कुमार को सीबीआई ने 1500 रुपये लेते गिरफ्तार किया।
18 मई 2007: एसआई सुखदीप सिंह और हेड कांस्टेबल इकबाल सिंह को 12 हजार रिश्वत लेते दबोचा।
26 मई 2007 : सीबीआई ने मनीमाजरा थाना प्रभारी बीसी राम को पांच हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
1जून 2007: एसआई अशोक कुमार व कांस्टेबल सुरिंदर को 5000 रिश्वत लेते पकड़ा।
22 जून 2007 : सेक्टर 61 चौकी इंचार्ज वेद प्रकाश को 15 हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
30 जून 2007 : सीबीआई ने हेड कांस्टेबल शिव कुमार को पांच हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
13 जुलाई 2007: सीबीआई ने एसआई बलजीत सिंह को दस हजार रिश्वत लेते काबू किया।
2 अगस्त 2007: पुलिस ने हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह को 300 रुपये लेते गिरफ्तार किया।
21 अगस्त 2007: एसआई बलजीत सिंह और कांस्टेबल बल्लू को बीस हजार लेते पकड़ा।
22 अगस्त 2007 : एएसआई सुरिंदरपाल को 2500 रुपये रिश्वत लेते सीबीआई ने पकड़ा।
10 अक्तूबर 2007: एसआई जेपी सिंह और कांस्टेबल काका सिंह को दस हजार लेते दबोचा।
30 अक्तूबर 2007: हेड कांस्टेबल बलदेव सिंह को पांच हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
8 फरवरी 2008 : कांस्टेबल शमशेर, अमरदीपऔर सुनील को पेपर लीक में रिश्वत लेते दबोचा।
19 फरवरी 2008: एसआई सतविंदर सिंह को पांच हजार रिश्वत लेते सीबीआई ने दबोचा।
20 फरवरी 2008: सीबीआई ने कांस्टेबल सुरिंदर सिंह को तीन हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
25 अप्रैल 2008: सीबीआई ने एसआई दीवान सिंह को दो हजार रिश्वत लेते दबोचा।
25 अप्रैल 2008: सीबीआई ने कांस्टेबल जसबीर सिंह को दो हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
4 जून 2008: एसआई कुलदीप सिंह को पांच लाख रिश्वत लेते सीबीआई ने पकड़ा।
7 नवम्बर 2008: नीलम चौकी इंचार्ज एसआई संजीव कुमार और एसआई रमेश कुमार को दबोचा।
17 फरवरी 2010: हेड कांस्टेबल सूरत राम को सीबीआई ने पांच हजार लेते काबू किया।
9 अप्रैल 2009: सीबीआई ने कांस्टेबल भूपिंद्र सिंह को पांच हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
17 फरवरी 2010: सेक्टर 34 थाने में तैनात एसआई निर्मल सिंह को पांच हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
4 जून 2010: सीबीआई ने हेड कांस्टेबल जसपाल और हेड कांस्टेबल कुलदीप को तीन हजार लेते पकड़ा।
11 अगस्त 2010: इंडस्ट्रियल एरिया थाना प्रभारी दिलशेर सिंह चंदेल व एसआई हंसराज को सीबीआई ने पकड़ा।
28 मार्च 2011 : मनीमाजरा थाने में तैनात एसआई सकत्तर सिंह को बीस हजार रिश्वत लेते दबोचा।
24 फरवरी 2012: एसआई देशराज सिंह और हेड कांस्टेबल वजिंदर को तीन हजार लेते दबोचा।
13 मार्च 2012 : पीओ सेल के कांस्टेबल मांगेराम को बारह हजार लेते सीबीआई ने पकड़ा।
13 जून 2012: सेक्टर 19 थाने में तैनात कांस्टेबल मांगेराम को दो हजार लेते पकड़ा।
6 सितम्बर 2012 : आर्थिक अपराध शाखा के एसआई नवीन कुमार को पांच लाख लेते पकड़ा।
18 अक्तूबर 2012 : एसपी सिटी देशराज को एक लाख रिश्वत लेते सीबीआई ने पकड़ा।
29 मई 2013 : सेक्टर 19 पुलिस स्टेशन में तैनात दविंद्र कौशिक को 3500 रुपये लेते पकड़ा।
18 जुलाई 2014: आटो चालक से 1500 से लेते ट्रैफिक कांस्टेबल दलबीर सिंह काबू।
3 सितम्बर 2014: इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला, हेड कांस्टेबल मुकेश और कांस्टेबल दिलबाज सिंह काबू।
781 शिकायतें पुलिस वालों की
चंडीगढ़ पुलिस के पास 2013 तक कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक की 781 के खिलाफ अन्य मामलों में शिकायत पहुंच चुकी हैं।
192 पुलिस वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही और 63 पुलिस जवानों को हल्की सजा मिल चुकी है। इसके अलावा 32 शिकायत गलत पाई गईं।