वी केयर फॉर यू... यह चंडीगढ़ पुलिस का स्लोगन है, लेकिन जो घटना हुई है वह इसके बिल्कुल उल्ट है। क्योंकि चंडीगढ़ पुलिस ने गुंडागर्दी दिखाते हुए बाप और बेटे के साथ मारपीट की है। किशनगढ़ में एक युवक ने पुलिस पर बीट बॉक्स में मारपीट, धमकी देने और सफेद कागज पर जबरन अंगूठा लगवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किशनगढ़ निवासी पीड़ित असमित कुमार ने आईजी को ईमेल के जरिये शिकायत भेजकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आईटी पार्क थाना प्रभारी ऊषा रानी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
पीड़ित ने आईजी को दी शिकायत में लिखा कि 28 जुलाई 2025 को दोपहर 12:13 बजे उसके पिता को एक स्कूटर सवार ने टक्कर मार दी। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिसकर्मी केशव दहिया और जितेंद्र कुमार घटना स्थल पर पहुंचे।
असमित ने बताया कि वह और उनके पिता स्कूटर सवार के साथ बीट बॉक्स में गए। वहां पूछताछ के दौरान केशव दहिया ने अपशब्द कहे। जब असमित ने इसका विरोध किया तो मौजूद कांस्टेबल जितेंद्र कुमार ने उसे थप्पड़ मारे। इसके बाद जब वे घर लौटने लगे तो पुलिसकर्मियों ने पिता और बेटे की बेरहमी से पिटाई की।
विरोध करने पर अंदर करने की धमकी
असमित का आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने विरोध किया तो उल्टा केस दर्ज कर अंदर कर देंगे। इतना ही नहीं उनसे जबरदस्ती एक सफेद कागज पर अंगूठा भी लगवाया गया। पीड़ित ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसके पिता से कहा कि वे सड़क पर क्यों खड़े थे। उसका कहना है कि उसके पिता को चोट आई थी लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें अस्पताल ले जाने से इन्कार कर दिया।
एसआई मारपीट से रोक रहे थे लेकिन नहीं रुके
असमित ने बताया कि किशनगढ़ चौक के सामने बने बीट बॉक्स में जब उनके साथ मारपीट की जा रही थी तो वहां मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर ने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की लेकिन दोनों पुलिसकर्मी उनकी बात मानने के बजाय पिता-पुत्र को पीटते रहे। असमित ने कहा कि उसने मारपीट का वीडियो भी बनाया लेकिन पुलिसकर्मियों ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया। उसके फोन में अब सिर्फ एक तस्वीर बची है जिसमें चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे हैं।