चंडीगढ़ के मौली गांव में शुक्रवार देर रात चाकू से गोद कर युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कांचा उर्फ अनिल निवासी बलटाना, मौली गांव के रहने वाले डेविड, दीपक और करण के रूप में हुई है। बीती रात दुकान से लौट रहे आशीष को रास्ते में रोककर आरोपियों ने रुपये मांगे, जब उसने इसका विरोध किया तो चारों ने मिलकर चाकू से हमला कर दिया। जब लोग इकट्ठे हुए तो आरोपी मौके से फरार हो गए थे। चाकू से हमले में आशीष की आंतड़ियां तक बाहर आ गई थीं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आशीष अपने घर से थोड़ी दूर मेन सड़क पर दुकान से दूध खरीदने के बाद घर लौट रहा था। इसी बीच चारों आरोपी घेरकर पैसे मांगने लगे। चारों आरोपी नशे में थे। पैसे नहीं देने पर गाली-गलौज के बाद आरोपियों ने आशीष से मारपीट कर शुरू कर दी। आशीष वहां से भागकर अपने घर को जाने वाली गली के मोड़ पर आकर मदद के लिए आवाज लगाने लगा। आशीष की आवाज सुनकर उसका भाई योगेश जब बीच-बचाव करने आया तो आरोपियों ने उसे भी घायल कर दिया। इस बीच आरोपियों ने आशीष के पेट में चाकू गोद-गोद कर उसकी आंतडियां तक बाहर निकाल दीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौलीजागरां थाना प्रभारी जयवीर सिंह राणा ने आशीष के भाई योगेश को सेक्टर -32 के अस्पताल में भी भर्ती करवाया। उसका इलाज चल रहा है। आशीष अपने भाई योगेश और मिथुन के साथ मौली गांव के मकान नंबर -12 में रह रहा था। तीनों भाई भेलपुरी बेचने के अलावा कबाड़ का काम करते हैं। तीनों भाई मूलरूप से उतर प्रदेश के जिला हाथरस के रहने वाले हैं। पुलिस ने आशीष के शव को अपने कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पार्षद हरजीत सिंह ने कहा कि मौली गांव, मौलीजागरां कांप्लेक्स और विकास नगर में बढ़ने नशे के चलते अपराध बढ़ रहा है।