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डिप्रेशन में MBBS डाक्टर का जानलेवा कदम, भूल गए पत्नी प्रेग्नेंट है

Sun, 04 Sep 2016 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पीजीआई के जूनियर डॉक्टर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
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न मैं अच्छा बेटा बन पाया, न मैं अच्छा डॉक्टर और न ही अच्छा पति। सॉरी मम्मी-पापा। मुझे माफ कर देना। ये बातें लिखकर डॉक्टर ने जान दे दी। घटना, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 के हाउस नंबर-22 में हुई।
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जूनियर डॉक्टर सुनील चंदेल पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन डिपार्टमेंट में तैनात थे। उनकी पत्नी प्रेग्नेंट हैं और 21 सितंबर के आसपास उनकी डिलीवरी की डेट है। पुलिस को डॉ. चंदेल का एक सुसाइड नोट भी मिला है।

पुलिस का कहना है कि डॉ. सुनील डिप्रेशन में चल रहे थे। इस वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया। देर शाम पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम करवाकर शव को परिजनों को सौंप दिया है।
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एमबीबीएस करने से पहले हंसमुख स्वभाव के थे

चंडीगढ़ पीजीआई के जूनियर डॉक्टर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के मंडी जिले के रहने वाले डॉ. सुनील के साथियों ने बताया कि एमबीबीएस करने से पहले वह हंसमुख स्वभाव के थे। जब मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे, तभी तनाव में आ गए। उनका इलाज हुआ। काफी दिन तक मेडिटेशन करते रहे।

एमडी में एडमिशन के दौरान वह इससे बाहर भी आ गए थे। जनवरी 2016 में उन्होंने पीजीआई एमडी में एडमिशन ली। दूसरी काउंसिलिंग में उनका नाम न्यूक्लियर मेडिसिन में आ गया और डिपार्टमेंट में काम करने लगे। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे।

सुबह ही पेरेंट्स से बात की थी
पुलिस ने बताया है कि सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्होंने अपने पेरेंट्स से बात की। सामान्य बातें हुईं। उनसे पूछा कि वे कब चंडीगढ़ आ रहे हैं। करीब नौ बजकर 25 मिनट पर पुलिस के पास सुसाइड का फोन आ गया। सुनील अपने पेरेंट्स के इकलौते बेटे थे। उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।
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सवा महीने में पीजीआई के तीन रेजिडेंट की मौत

चंडीगढ़ पीजीआई के जूनियर डॉक्टर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
सवा महीने में पीजीआई के तीन रेजिडेंट डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। 26 जुलाई को धनश्री शर्मा, 18 अगस्त को श्यामबालाजी और अब डॉ. सुनील चंदेल। कुछ डाक्टरों का कहना है कि यह काफी चौंकाने वाला है। कहीं न कहीं डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ रहा है।

सुनील का स्वभाव काफी अच्छा था। वीरवार को वह ड्यूटी पर आया था। उसके व्यवहार से ऐसा नहीं लगा कि वह सुसाइड कर सकता है। काम भी अच्छा कर रहा था। न्यूक्लियर मेडिसिन में काम का कोई दबाव भी नहीं है।
- डॉ. बीआर मित्तल, एचओडी, न्यूक्लियर मेडिसिन

जांच में पता चला कि डॉ. सुनील ने डिप्रेशन के चलते ऐसा कदम उठाया है। सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार को खुद को माना है।
- रंजीत सिंह, एसएचओ, सेक्टर 17 थाना
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