नाबालिग का अपहरण करने, उसे दो साल जबरन घर में रखने और दुराचार मामले में पानीपत के युवक को दोषी करार दिया गया। मामला चंडीगढ़ का है। मामले में पानीपत निवासी नरेंद्र उर्फ गोलू (22) को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट उसे 19 जनवरी को सजा सुनाएगी।
नरेंद्र के खिलाफ मनीमाजरा थाना पुलिस ने दिसंबर 2014 में अपहरण, दुराचार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मामले के अनुसार मौलीजागरां निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि आरोपी नरेंद्र उसे 7 जुलाई 2012 को शादी का झांसा देकर बहका-फुसलाकर स्कूल के बाहर से ले गया था। उस समय वह 10वीं में थी।
नरेंद्र उसे वहां से पानीपत स्थित गांव बिहोली ले गया। वहां उसने करीब 2 साल तक जबरन घर में कैद रखा। वह आए दिन शराब पीकर उससे मारपीट करता था। साथ ही उसके भाई-बहन को जान से मारने की भी धमकी देता था। पीड़िता के अनुसार अक्तूबर 2014 को वह किसी तरह उसके चंगुल से भागकर चंडीगढ़ आई।
यहां उसने पुलिस को शिकायत दी। बचाव पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता बालिग थी और मर्जी से नरेंद्र के साथ गई थी। इसे साबित करने के लिए उन्होंने उसका पहचान पत्र कोर्ट में पेश किया। साथ ही कहा कि वह नरेंद्र के साथ शादी करके रह रही थी।
इस संबंध में फोटोग्राफ का भी हवाला दिया गया। लेकिन कोर्ट ने घटना के वक्त पीड़िता को नाबालिग ही माना। अदालत में अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की जन्मतिथि वर्ष 1997 बताई थी। बचाव पक्ष ने घटना के 2 वर्ष बाद एफआईआर दर्ज करने पर भी सवाल उठाया था।