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Chandigarh: डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के मुलाजिमों पर अपराधियों से सांठगांठ का आरोप, गैंगस्टर के साथी का खुलासा

Wed, 29 Jan 2025 08:38 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

गैंगस्टर गगन के साथी निंजा ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। डीजीपी सुरेन्द्र यादव करप्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार कारवाई कर रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि अफसर इस मामले में जल्द ही कारवाई करने की तैयारी में है।
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Police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लुधियाना के ड्रग्स तस्कर दीपक वर्मा के खुलासे के बाद अब एक और आरोपी ने चंडीगढ़ पुलिस की मिलीभगत का खुलासा किया है। सूत्रों ने बताया क्राइम ब्रांच की और से गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर गगन के साथी निंजा ने पूछताछ में कहा कि उसे डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के मुलाजिम पहले भी पिस्टल के साथ पकड़ चुके हैं, लेकिन सेटिंग कर उसे छोड़ दिया गया। 
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इस संबंध में पुलिस अफसरों ने डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के इंस्पेक्टर जसमिंदर सिंह को तलब कर पूछताछ भी की। अब देखना होगा कि जैसे दीपक को पकड़कर पैसे लेकर छोड़ने पर प्रदीप और सुरेन्द्र पर स्नैचिंग और एनडीपीएस का केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया, क्या डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के मुलाजिमों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार निंजा ने सेल के मुलाजिमों का नाम भी बताया है। 

अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। डीजीपी सुरेन्द्र यादव करप्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार कारवाई कर रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि अफसर इस मामले में जल्द ही कारवाई करने की तैयारी में है।
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पुलिस विभाग में पूरा दिन चर्चा होती रही कि अगर कोई आरोपी किसी अधिकारी पर रिश्वत के आरोप लगा दे तो क्या बिना जांच के अधिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ड्रग्स तस्कर दीपक वर्मा 4 दिन के रिमांड पर है। उससे पूछताछ चल रही है। पुलिसकर्मी सवाल खड़ा कर रहे हैं कि अगर प्रदीप और सुरेन्द्र के खिलाफ दीपक के साथ मिलीभगत का कोई सबूत मिला है तो उसे सभी के सामने लाना चाहिए था। विभाग में चर्चा है कि ऐसे तो कोई भी मुलाजिम क्रिमिनल को पकड़ने में गुरेज करेगा। क्योंकि अपराधी पुलिस पर कब आरोप लगा दे, कुछ नहीं पता।

जब एसएसपी कंवरदीप कौर से प्रदीप और सुरेन्द्र की मिलीभगत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने बताया कि एसएसपी से भी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

डिस्ट्रिक क्राइम सेल के मुलाजिमों का खेल 

वहीं विभाग में पूरा दिन चर्चा होती रही कि डिस्ट्रक्ट क्राइम सेल के मुलाजिमों ने एक षडयंत्र के तहत सेक्टर 39 थाने के मुलाजिमो पर केस दर्ज करवाने में भूमिका निभाई है। सूत्रों ने बताया कि उनका मकसद यह भी हो सकता था कि वह अफसरों की नजरों में ईमानदार और खुद को अपराधियों के प्रति सिंघम के रूप में दिखाना चाहते हों। दीपक भी सेल की हिरासत में हैं, इसलिए दीपक वही बोलेगा जब तक सेल के हिरासत में है। 

सूत्रों ने बताया कि सेल के वरिष्ठ सिपाही दीप ने पूरा ठीकरा प्रदीप पर डाल दिया। उसने पूछताछ में कहा कि उसने तो दीपक की कार रोकी ही नहीं थी, कार प्रदीप ने रोकी थी। जबकि सीसीटीवी में दिख रहा है कि पहले दीप ने दीपक के साथी रिशु को पकड़ा था। जबकि प्रदीप और सुरेंदर से अफसरों को सामने ही नहीं लाया गया। न ही प्रदीप को अफसरों के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया गया। 






डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल में तैनात एक पुलिसकर्मी के ड्रग्स तस्करों से संबंध 


डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के एक मुलाजिम के ड्रग्स तस्करों से गहरे संबंध हैं। कई साल पहले उस मुलाजिम की एक रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी।  ड्रग्स तस्करों के पास उस मुलाजिम की रिकॉर्डिंग भी है, लेकिन ड्रग्स का कारोबार बंद न हो जाए इस लिए कोई शिकायत नहीं करता। पैसे लेने की वर्दी में एक मुलाजिम की तस्वीरें भी हैं।
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