18 मार्च को आई थी काॅल
शिकायतकर्ता रिटायर कर्नल दिलीप सिंह बाजवा ने बताया कि उन्होंने कई सालों तक सेना में रहते हुए देश सेवा की। वह सेक्टर-2ए में अपनी पत्नी व अन्य परिजनों के साथ रहते है। बीती 18 मार्च को उनके व्हाट्सअप नंबर पर अज्ञात से फोन आया और बातचीत करने वाले ने खुद को मुंबई से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का बड़ा अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका केनरा बैंक का खाता मुंबई के एक खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रयोग हुआ है।
फोन करने वाले फर्जी ईडी अधिकारी ने कहा कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल ने उन्हें इस मामले में फंसाया है। ठग ने कहा कि उन्होंने अपना खाता 5 लाख रुपये में बेचा था और 2 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग के लिए 20 लाख रुपये बतौर कमीशन भी ली है। कर्नल ने ठग को कहा कि उसका इस फर्जीवाड़े से कोई लेना देना नहीं है और न ही उनका केनरा बैंक में कोई खाता है जिसमें उनके पास कोई 20 लाख रुपये की कमीशन आई हो। लेकिन ठगों ने कर्नल को अपने जाल में फंसाने के लिए वीडियो कॉल कर उन्हें उनके नाम का फर्जी एटीएम कार्ड दिखाया।
वीडियो कॉल पर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेशों की कॉपी दिखाई
फोन करने वाले ठगों ने कर्नल को कहा कि वे 5,038 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने 24 लोगों की फोटो भेजकर इन्हें पीड़ित बताया और कहा कि इन पीड़ितों में से एक ने आत्महत्या कर ली है। ठगों ने दंपति को सहयोग न करने पर जेल भेजने और संपत्ति जब्त करने की धमकी भी दी और धोखाधड़ी के जाल में फंसाने के लिए व्हाट्सएप के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी पत्र भेजे। साथ ही काले धन की जांच की आड़ में उनकी वित्तीय संपत्तियों का पूरा खुलासा करने के लिए कहा।