तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चलाते हुए दो लोगों को गंभीर रूप से जख्मी करने के मामले में जिला अदालत ने सेक्टर-35 निवासी 29 वर्षीय आरुषि को धारा 338 के तहत दोषी पाया है। अदालत ने युवती को लापरवाही से ड्राइव कर दूसरों की जान खतरे में डालते हुए उन्हें चोट पहुंचाने के जुर्म में दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 2500 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सेक्टर-36 थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन फैशन डिजाइनिंग कर रही आरुषि के खिलाफ केस दर्ज किया था। मूलरूप से लुधियाना निवासी गुरमीत मोहाली फेज-9 स्थित एक निजी अस्पताल में नर्स थी। यहां वह सेक्टर-35ए में किराये पर रहती थी।