सीबीआई की तरफ से 6.09 करोड़ रुपये के घोटाले में रेल डिवीजन फिरोजपुर के एक डीसीएम रैंक के अधिकारी समेत पांच रेलकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज होने और छापेमारी की खबर लीक होने पर आरोपी सतर्क हो गए थे, इसीलिए सीबीआई को छापेमारी के दौरान ज्यादा कुछ नहीं मिला।
आशंका जताई जा रही है कि खबर दिल्ली बड़ोदा हाउस से लीक हुई है। सीबीआई ने मामला दर्ज कर संबंधित विभाग को सूचित किया था, जबकि ये गोपनीय था। इसीलिए फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में तैनात एक आरोपी क्लर्क सीबीआई की छापेमारी से चार दिन पहले ही जम्मू अपने घर चला गया था।
वहां से भी सीबीआई टीम के हाथ कुछ नहीं लगा। सीबीआई ने सोमवार को रेल डिवीजन फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में विज्ञापन के लिए अलॉट की गई विभागीय जमीन में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे रेल अधिकारियों के घरों में छापामारी की थी।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने अब अलग तरीके से जांच शुरू कर दी है। सीबीआई घोटाले में फंसे रेलकर्मियों की संपत्ति का ब्यौरा एकत्र करेगी। कई आरोपियों ने अपनी कोठियां बना ली हैं। सीबीआई उक्त जमीन पर बनी कोठियों पर खर्च हुए पैसों का हिसाब-किताब एकत्र कर रही है।