पंजाब की डीएसपी राका गेरा के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहे रिश्वत मामले में मंगलवार को उनकी एक याचिका अदालत ने मंजूर कर ली। राका गेरा ने अदालत से अपील की थी कि वर्ष 2011 में ट्रैप केस के दौरान जब्त किए गए उनके 87.5 लाख नगद, ज्वेलरी, एफडी के कागजात, प्रापर्टी संबंधी कागजात रिलीज कर दिए जाएं। साथ ही उनके बैंक अकाउंट और लॉकर खोलने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट के आदेश के बाद जल्द ही सीबीआई उन्हें उक्त सामग्री रिलीज कर देगी। इससे पहले डीएसपी के वकील एसपीएस भुल्लर ने दायर याचिका में कहा था कि राका गेरा को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब विजिलेंस की ओर से क्लीन चिट मिल गई है। इस आधार पर उन्हें उनका कैश व अन्य सामान दे दिया जाए। सीबीआई ने 24 जुलाई, 2011 को उनके सेक्टर-15 स्थित घर पर छापा मारकर यह सब जब्त किया था।
सीबीआई ने इस अर्जी के जवाब में मंगलवार को पंजाब विजिलेंस की ओर से क्लीन चिट संबंधी दो मई को मिले पत्र के आधार पर अर्जी का विरोध नहीं किया था। सीबीआई की ओर से कहा गया था कि गेरा की संबंधित प्रापर्टी और दस्तावेज मालखाने में हैं, जिसकी उन्हें कोई जरूरत नहीं है।
बता दें कि राका गेरा को मुल्लांपुर के एक बिल्डर केके मल्होत्रा की शिकायत पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में 25 जुलाई, 2011 को गिरफ्तार किया गया था। मल्होत्रा पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत दो केस दर्ज थे। इनमें कथित तौर पर उसे राहत देने के लिए रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप राका गेरा पर हैं।
राका गेरा की घर की तलाशी के दौरान विदेशी शराब की बोतलें, आर्म्स, लाखों रुपये की एफडी, नगदी और अन्य दस्तावेज मिले थे। डीएसपी पर आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के दो अलग केस सेक्टर-11 पुलिस थाने में दर्ज किए गए थे। तीनों केस अभी जिला अदालत में विचाराधीन हैं।