विदेश भेजने के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी करने के मामले में जिला अदालत ने डेराबस्सी के सुखबीर सिंह उर्फ सुक्खा और मलेरकोटला निवासी हनप्रीत कौर को दोषी करार दिया है। अदालत दोनों को बुधवार को सजा सुनाएगी।
9 जनवरी, 2012 को दोनों के खिलाफ उस समय सेक्टर-43बी में बतौर स्टूडेंट रहने वाली और मूलरूप से पंजाब निवासी दलबीर कौर की शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस में केस दर्ज किया गया था।
वहीं घटनाक्रम 2009 का है। इस मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने के बाद दलबीर ने अदालत में सीआरपीसी के तहत याचिका दायर की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर 2012 में पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने, धमकाने और इमीग्रेशन एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में दलबीर कौर ने बताया था कि वह 2008 में चंडीगढ़ पढ़ाई के लिए आई थीं। यहां सेक्टर-22सी में बतौर पीजी रहती थीं। हनप्रीत कौर और दलबीर पीजी में साथ रहती थी। उसने ही सुखबीर सिंह से उसे मिलवाया और कहा कि वह वीजा लगवाने का काम करता है व लोगों को विदेश भेजता है। हनप्रीत ने उसे आश्वासन दिया था कि सुखबीर उसे विदेश भेज देगा और यूके या ऑस्ट्रेलिया में सेटल करवा देगा।
हनप्रीत की बातों में आकर 2009 में दलबीर ने सुखबीर को छह लाख रुपये और पासपोर्ट दे दिया। लेकिन इसके बाद न तो उसे विदेश भेजा और न ही पैसे वापस किए। आरोपी ने दलबीर को झांसा देते हुए ऑस्ट्रेलिया के एक शिक्षण संस्थान का ऑफर लेटर दिखाया, जो बाद में फर्जी निकला। दलबीर कौर के अनुसार जब उसने दोनों से रुपये वापस मांगे तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गईं।
नवंबर 2011 में दलबीर ने एसएसपी पब्लिक विंडो पर शिकायत दी थी, लेकिन दलबीर के अनुसार पुलिस जब दोनों को बुलाती तो उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट देती। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होते देख उन्होंने कोर्ट में सीआरपीसी के तहत दिसंबर 2011 में शिकायत दी थी। इस पर सीजेएम कोर्ट ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।