कार की छानबीन करते सीबीआई अधिकारी
रमेश की शिकायत पर सीबीआई ने उनके कपड़ों पर ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगाकर उन्हें एसएचओ बलजीत के पास भेजा। आरोप है कि एसएचओ ने रमेश से पुलिस थाने में बोला कि मैंने कांस्टेबल सुरिंद्र और प्रमोद को मैसेज कर दिया है। 20 हजार रुपये उन्हें दे देना और बाकी अपने हिसाब से देख लेना।
शिकायतकर्ता के भतीजे को पकड़ कर पुलिस ले गई थी थाने
शिकायतकर्ता रमेश ने बताया कि बीती 26 जनवरी की रात एसएचओ बलजीत और अन्य पुलिसकर्मियों ने महिला और एक व्यक्ति को सुलफा का नशा मिलने पर पकड़ लिया। इसके बाद विकास नगर पार्क के पास से पेपर सिगरेट पी रहे युवकों को उठाया, जिनमें उनका भतीजा भी था। इसके बाद वह थाने पहुंचा और एसएचओ बलजीत से उसे छोड़ने को कहा।
बकौल रमेश एसएचओ बलजीत ने सभी लड़कों पर नशीले टीके डालने की धमकी दी। रमेश ने पुलिस से कहा कि वह तो उनका सेवादार है। थाने के पुलिसकर्मी उसके अहाते में आते हैं और खा-पीकर चले जाते हैं, वह कभी उनसे कुछ नहीं मांगता। लेकिन उसके भतीजे पर बेवजह कार्रवाई की जा रही है।
रमेश ने बताया कि वह काला उर्फ राजेश नामक व्यक्ति के साथ भतीजे को छुड़वाने गया था। थाने में पुलिस ने जब सुलफे की पुड़िया समेत पकड़ी गई महिला से पूछा कि वह किसका माल बेचती है तो उसने काले राजेश का झूठा नाम ले दिया। इसके बाद पुलिस ने जमा तलाशी लेकर राजेश को भी थाने में बैठा लिया।
रिश्वत लेते पहले पकड़े गए यह पुलिसकर्मी
1. बीती चार जनवरी को सीबीआई ने सेक्टर-31 थाने में तैनात एसआई राजबीर पर ट्रैप लगाया था। आरोप हैं कि वह ट्रैप से बचकर रिश्वत के दस हजार रुपये समेत फरार हो गया।
2. सीबीआई ने बीते साल इंडस्ट्रियल थाने में तैनात एसआई सेवा सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत सहित काबू किया था।
3. साल 2017 में सेक्टर-31 थाने में तैनात रहे एसआई मोहन लाल को सीबीआई ने आठ लाख रुपये रिश्वत मांगने और दो लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
4. सीबीआई ने बीते वर्षों सेक्टर-3 थाने में तैनात एसआई सेवा सिंह को भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
5. सीबीआई ने डीएसपी रामचंद्र मीणा समेत एसआई सुरिंदर भारद्वाज को भी रिश्वत केस में गिरफ्तार किया था।
6. सीबीआई ने साल 2012 में आईपीएस, देसराज सिंह को उनके सेक्टर-23 स्थित आवास से यूटी पुलिस के ही तत्कालीन एसएचओ, इंस्पेक्टर अनोख सिंह से एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।