दप्पर टोल पर मिली थी फर्जी नंबर लगी बाइक
जांच के दौरान पुलिस टीमों को अंबाला हाईवे पर दप्पर टोल प्लाजा के पास से एक बाइक मिली थी जिसका नंबर भी फर्जी निकला था, उसी बाइक पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई थी जो अलग-अलग एंगल पर काम कर रही थी। इसी कड़ी में अब जांच टीमों के पास सिरसा जिले में हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पहुंची जिसमें बम फेंकने वाले दोनों युवकों के चेहरे कैद हो गए थे। इसके बाद जांच टीमें वीरवार को ही हिसार पहुंच गई थी और वहां स्थानीय पुलिस व एसटीएफ, सीआईए की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
दप्पर टोल पर बाइक खड़ी कर बैठे थे बस में
जांच के दौरान सामने आया कि इन आरोपियों ने दप्पर टोल प्लाजा परिसर में अपनी बाइक खड़ी की और यहीं से बस में बैठकर हिसार पहुंचे। लेकिन दोनों युवक हिसार बाईपास स्थित टोल प्लाजा पर उतर गए और एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर शहर तक गए। वहां से यह दोनों एक युवक के पास गए और वहीं छिप गए। जांच टीमों ने युवकों को लिफ्ट देने वाले व्यक्ति की बाइक नंबर के जरिए पता करके उससे संपर्क किया और उससे युवकों के बारे में पूछताछ की। लिफ्ट देने वाला व्यक्ति एक फोटोग्राफर था।
चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम सेल व आप्रेशन सेल की संयुक्त टीम ने हिसार पुलिस व एसटीएफ की मदद से उक्त फोटोग्राफर सोनू निवासी बहबलपुर गांव जिला हिसार को हिरासत में लिया गया। उसने बताया वह दोनों युवकों को केवल टोल प्लाजा से अपने गांव तक ही लिफ्ट दी थी। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को ही जांच टीमों द्वारा लगातार इन आरोपियों का पीछा किया जा रहा था। देर शाम करीब पौने छह बजे दोनों आरोपी हिसार के पीर वाला गांव के पास बाइक पर भाग रहे थे और जांच टीमें इनका पीछा कर रही थी। इसी दौरान इनकी बाइक एक कच्चे रास्ते पर मिट्टी में फिसलकर गिर गई जिसके बाद यह दोनों भी गिर गए थे।
एसटीएफ की टीम इनके पास पहुंची और इन्हें सरेंडर करने के लिए कहा तो इन आरोपियों ने आटोमैटिक पिस्टल से जांच टीमों पर धड़ाधड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान एसटीएफ के एएसआई संदीप और अनूप को गोलियां लगी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने के कारण इन दोनों जवानों की जान बच गई। जवाब में एसटीएफ ने भी फायरिंग शुरू कर दी और इन दोनों आरोपियों की टांगों में गोलियां लगने से वह घायल होकर गिर गए। इसी दौरान क्राइम ब्रांच व आप्रेशन से की संयुक्त टीम भी वहां पहुंच गई और एसटीएफ दोनों घायलों को देर शाम करीब साढ़े छह बजे हिसार के नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंची।